- प्राथमिकताएं तय करके धनराशि भजेंगे विभाग : योगी
- छोटी अवधि की परियोजनाएं कम समय में हों पूरी
- जिला स्तर पर बने अकेले रह रहे बुजुर्गों की सूची
- लापरवाही के कारण हुई मरीज को मौत, तो दर्ज होगा मुकदमा
लखनऊ। फिस्कल रेस्पॉन्सिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट के तहत प्रदेश सरकार अपने प्रसाशकीय खर्च कम करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि प्रसाशकीय खर्च को कम करने की कोशिश की जाये, नये मदों में विभाग अपनी प्राथमिकताएं तय कर धनराशि भेजेंगे। ऐसा होना चाहिए कि हर किसी को धनराशि मिले। और यह सुनिश्चित किया जाये कि अगले दो से चार महीनों में पूरे होने वाली परियोजनाएं समय से पूरी हो जायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एल्डर हेल्पलाइन के माध्यम से अकेले रह रहे बुजुर्गों की पूरी सूची जिले स्तर पर होनी चाहिए। सूची में यह भी होना चाहिए कि बुजुर्गों को किस प्रकार की बीमारी है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल उपचार कराया जा सके। योगी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए संकल्पित है। ‘मिशन शक्ति’ के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। महिला स्वयं सहायता समूह, बीसी सखी जैसे प्रयासों ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वावलंबन की राह दिखाई है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजना ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों को बड़ा संबल दिया है। इसमें स्वास्थ्य विभाग को भी जोड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में हमारे चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, अन्य सहयोगी स्टाफ ने सेवा कार्य का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसकी सराहना की जानी चाहिए। इसके साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाये कि हर मरीज को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। शासकीय सेवा के लोग हों या निजी व आउटसोर्सिंग सेवा से संबंधित लोग, निर्धारित दायित्वों का पूरी कर्मठता के साथ निर्वहन करें। लापरवाही व नेगलेजेंसी के कारण अगर प्रदेश में किसी भी मरीज की दु:खद मृत्यु हुई तो संबंधित कंपनी, अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई करें।
स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और गृह विभाग द्वारा इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित किया जाये। योगी ने कहा कि तहसील दिवस और थाना दिवस पर आने वाले मामलों का राजस्व विभाग और गृह विभाग लगातार परीक्षण करें फरियादियों को एक ही कार्य के लिए बार बार चक्कर न लगाने पड़ें।





