- 335 केंद्रों पर परीक्षा में 4,08,916 अभ्यर्थी देंगे इम्तेहान
- कोविड वैक्सिनेशन के बारे में जिले स्तर पर हो रही है कार्यवाही
- कोल्ड चेन और ट्रांसपोर्टेशन के बारे में ज़रूरी दिये गये हैं निर्देश
- वैक्सीनेटर्स के प्रशिक्षण का काम भी प्रगति पर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि कारागार विभाग और अग्निशमन विभाग के विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा के लिए 4.08 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन किया गया है। उन्होंने परीक्षा की तैयारी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा के आयोजन में कोविड के प्रोटोकाॅल और सोशल डिस्टेन्सिंग पर विशेष ध्यान दिया जाये।
बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा जेल वार्डर (महिला व पुरुष), आरक्षी घुड़सवार पुलिस और फायरमैन सीधी भर्ती-2016 की ऑफलाइन लिखित परीक्षा शनिवार और रविवार को दो पालियों में (10 बजे से 12 बजे एवं 2 बजे से 4 बजे तक) प्रदेश के 10 जिलों आगरा, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर और वाराणसी के कुल 335 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसमें 4,08,916 अभ्यर्थियों द्वारा भाग लिया जायेगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री कहा है कि कोविड के वैक्सीनेशन के संबंध में जिला स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। शासन स्तर से जिलों को वैक्सीन की प्रभावी कोल्ड चेन व्यवस्था और ट्रांसपोर्टेशन के बारे में ज़रूरी निर्देश दिये गये हैं। वैक्सीनेटर्स के प्रशिक्षण की कार्यवाही भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि वे शनिवार को पूरे वैक्सीनेशन प्रोसेस की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यहां लोक भवन में टीम-11 के साथ अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड के संबंध में अभी भी पूरी सतर्कता बरतनी ज़रूरी है। इस बारे में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसके मद्देनज़र लोगों को कोविड के संक्रमण से बचाव के बारे में लगातार जागरूक किया जाये। उन्हें सोशल डिस्टेन्सिंग और मास्क के अनिवार्य उपयोग के बारे में लगातार प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाये।
योगी ने कहा कि कोविड के इलाज की प्रभावी व्यवस्था बनाये रखी जाये। टेस्टिंग का काम निर्धारित क्षमता के अनुरूप चलाया जाये। कांटेक्ट ट्रेसिंग व सर्विलांस पर पूरा ध्यान दिया जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर सुचारु ढंग से काम करें। जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से प्रतिदिन सुबह कोविड अस्पताल में और शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में समीक्षा बैठक करें।





