- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एसडीएमए की शासी निकाय की बैठक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीेमए) द्वारा अलग-अलग प्रकार की आपदाओं से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाये। चिन्हित क्षेत्रों के निवासियों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक एवं बचाव के उपायों के बारे में प्रशिक्षित भी किया जाये।
मुख्यमंत्री यहां लोक भवन में एसडीएमए की शासी निकाय की तृतीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाढ़, भूकंप, आकाशीय बिजली, वन्य जीवों आदि आपदा से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाये। विद्यार्थियों को भी आपदा से बचाव के बारे में जागरूक और प्रशिक्षित किया जाये। जागरूकता के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रयोग किया जाये।
योगी ने कहा कि प्रदेश के बाढ़ के प्रति संवेदनशील इलाकों के नाविकों और गोताखोरों का प्राथमिकता पर प्रशिक्षण कराया जाये। प्रशिक्षित नाविकों और गोताखोरों को निःशुल्क सेफ्टी किट भी दी जाये। सेफ्टी किट के तहत लाइफ जैकेट, पतवार, रस्सी, टार्च, प्राथमिक चिकित्सा किट आदि शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के निवासियों की जागरूकता के लिए गोष्ठियों का आयोजन किया जाये। गोष्ठियों में बाढ़ से बचने के उपायों के साथ ही, बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए तकनीकी उपायों का व्यापक प्रयोग किया जाये। साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की सम्भावना की पूर्व सूचना के प्रसार की व्यवस्था भी की जाये। पूर्व सूचना देकर आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को नियंत्रित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में राज्य के सभी जिलों में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किये गये हैं। आपदा के बारे में इन कंट्रोल सेंटर्स के उपयोग की व्यवस्था बनायी जाये। उन्होंने कहा कि भविष्य में बनने वाले एकीकृत जिला कार्यालयों में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए प्राविधान किया जाये।





