प्रमुख सचिव श्रम ने कमिश्नर लेबर की जांच रिपोर्ट के बाद की बड़ी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन ने सहारनपुर की उप श्रमायुक्त (डिप्टी लेबर कमिश्नर) वंदना को वित्तीय अनियमितताओं और गंभीर लापरवाही के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शन्मुगा सुंदरम द्वारा जारी आदेश के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। यह मामला कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम (ईसीए) के तहत एक निजी अस्पताल के निर्माण पर लगने वाले श्रम विभाग के सेस (उपकर) से जुड़ा है, जिसमें नियमों की अनदेखी करने और अपने ही आदेश को गलत तरीके से पलटने के गंभीर आरोप डिप्टी लेबर कमिश्नर पर लगे हैं।
इस मामले में श्रम आयुक्त (कमिशनर लेबर) आईएएस मारकंडे शाही की जांच रिपोर्ट आने के बाद निलंबन की यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। जांच में सामने आया कि उप श्रमायुक्त वंदना ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद लगभग 18 लाख रुपये मय ब्याज की वसूली के लिए आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी किया था। इसके बाद, कानूनी अधिकार न होने के बावजूद उन्होंने खुद ही इस सरकारी आदेश को वापस (रिकॉल) ले लिया, जिसे नियमों के खिलाफ माना गया है। शासन के अनुसार, कर्मचारी प्रतिकर आयुक्त को मेरिट पर पारित किए जा चुके आदेश की पुनर्विवेचना या समीक्षा करने का कोई विधिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद वंदना को निलंबन अवधि के लिए कानपुर श्रमायुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं, शासन ने इस पद पर तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए नवप्रोन्नत सुविज्ञ सिंह मौर्य को सहारनपुर का नया उपश्रमायुक्त नियुक्त कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, वित्तीय अनियमितताओं के इस गंभीर प्रकरण में अब पूर्व उप श्रमायुक्त के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।





