लखनऊ। इंदिरा नगर जैन मंदिर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के तृतीय दिवस गुरुवार को चौसठ ऋद्धियों की पूजा की गई। परम पूज्य आचार्य श्री सुबल सागर जी के सानिध्य मे चल रहे आठ दिवसे विधान मे आज अनेकों भक्त लखनऊ के बाहार से भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सुभारम्भ भगवान के अभिषेक से प्रारंभ हुआ एवं नव देवताओं की पूजन की गई । विधान का महत्व बताते हुए आचार्य श्री ने बताया की चौसठ ऋद्धियों के पूजन से समस्त प्रकार की रोग एवं बाधाएं नष्ट होती हैं , लौकिक सुख की प्राप्ति भी इसी से संभव हैं । श्री जिनशासन प्रभावन चतुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि दिगम्बर आचार्य सुबल सागर जी का उपवास चल रहा है वे मात्र पूरे दिन मे एक बार खड़े होकर जल ग्रहण कर रहे हैं । किसी प्रकार का भी अन्न , फल आदि कुछ भी खाने पीने का त्याग चल रहा है। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि इस अवसर पर सहादतगंज जैन समाज से जागेश जैन , गुडम्ब से विनय जैन , गोमती नगर से प्रदीप जैन सहित याहियागंज , चौक , आशियाना चरबाग , डालीगंज से अनेकों भगत उपस्थित रहे।





