लखनऊ। शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाई को तिलक लगाकर कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। स्नेह और प्यार की डोर बांध मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने अपनी सामर्थ्य अनुसार उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया।
लोगों ने अपने परिवार के साथ पार्कों में जाकर इस त्योहार का मजा लिया। अपने बहनों के यहां राखी बंधवाने के लिए बाहर से उनके भाई पहुंचे, तो बहनों ने भी अपने भाइयों के यहां जाकर राखी बांधी। बच्चों ने राखी का त्योहार मनाया। वहां रह रही छोटी लड़कियों ने अपने साथ के लड़कों को राखी बांधी। सुबह से ही सड़क पर निकलने वाले अधिकांश लोगों की कलाई पर राखी बंधी थी और माथे पर टीका लगा था। इस अवसर पर कुछ भाई-बहनों से बात की। इनमें से शिवांगी ने चहकते हुए कहा कि उसके भाई ने राखी बांधने पर उसे चॉकलेट दी है।
महाकाल बाबा को बांधी राखी:
राजेन्द्रनगर स्थित महाकाल मन्दिर में शुक्रवार को राखी का पर्व मनाया गया। सुबह आरती के बाद भगवान भोलेनाथ को राखी बांधी। भक्तों ने भोलेनाथ को राखी बांध देश में शांति और कल्याण की कामना की। वहीं मनकामेश्वर मंदिर में भक्तों ने एक दूसरे को राखी बांधी।
भाई-बहन के प्यार में घुलती है मिठास:
राखी बंधवाने वाले रवि ने कहा कि उसने गिफ्ट में अपनी बहन को कुछ रुपए और सूट दिया है। उनकी बहन सोवी ने कहा कि राखी भाई-बहन के प्यार को मजबूती देने वाला त्योहार है। मिठास बढ़ती है। इस अवसर पर तान्या का कहना था कि उनका भाई हमेशा राखी के दिन गिफ्ट नहीं देने पर अड़ जाता है। वे भी राखी नहीं बांधने पर अड़ जाती हैं। बाद में उनका भाई राखी बंधवा कर गिफ्ट दे ही देता है। यही तो भाई.बहन के प्यार को बढ़ाता है।
मंदिरों में की पूजा-अर्चना:
बहुत सी महिलाओं ने भाइयों को राखी बांधने के पहले मंदिरों में जाकर भगवान को राखी अर्पित कर अपने और अपने परिवार की खुशहाली की कामना की। रक्षाबंधन के दिन भी राखियों और मिठाइयों की बिक्री जारी रही। गुरुवार को मिठाइयों की रिकार्ड बिक्री हुई है। परंपरागत मिठाइयों के अलावा इस बार ब्रांडेड मिठाइयों की मांग ज्यादा रही। चाकलेट की जमकर बिक्री हुई। रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनके दीघार्यु होने की कामना की। भाइयों ने बहनों को यथाशक्ति दक्षिणा और उपहार देकर उनकी रक्षा का वचन दिया। दिन भर मिठाइयों और राखी की दुकानों पर भीड़भाड़ रही।
सोशल साइट ने मिटाई दूरियां:
रक्षा बंधन पर सोशल साइट्स ने शहर से बाहर या विदेश में रहने वाले भाईयों व बहनों की दूरियों को कम किया। सिंगापुर में रहने वाले वेदकांत त्रिपाठी को उनकी बहनों ने इलाहाबाद से राखी भेजी थी। उन्होंने रक्षाबंधन पर निर्धारित मुहुर्त में बहनों द्वारा भेजी राखियों को बांधा और उसकी फोटो वाट्सएप के जरिये शेयर की। अपनी बहनों से हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले ऐसे हजारों भाईयों ने सोशल साइट्स के जरिये रक्षाबंधन सेलीब्रेट किया।
जमकर शेयर की सेल्फी:
फेसबुक और वाट्सएप ने भाई-बहन के प्यार के पर्व को यादगार बनाया। लोगों ने बहनों के साथ जमकर सेल्फी ली और उसे फेसबुकए ट्वीटर व वाट्सएप पर शेयर किया। वहीं दिन भर रक्षाबंधन की बधाई देने का सिलसिला भी जारी रहा।
दिन भर चली आवाजाही:
रक्षाबंधन पर्व के चलते आज पूरे दिन भाइयों और बहनों की आवाजाही चलती रही। अधिकांश भाई और बहन पहले से नहीं जा सके थे, लिहाजा वे आज ही भाई या बहन के घर पहुंचे और रक्षाबंधन का त्योहार मना कर वापस भी लौटे। इसके चलते ट्रेन, बस और अन्य यात्री वाहनों में आज पूरे दिन भारी भीड़ का माहौल बना रहा। ट्रेन हो या बस किसी में भी पूरे दिन पांव रखने को भी जगह नहीं मिल सकी। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन भी दिन भर यात्रियों से खचाखच भरे रहे। पुलिस द्वारा आज भी दिन भर सतर्कता बनाए रखी गई।
रक्षाबंधन पर खूब बिके गिफ्ट और मिठाई:
इस बार भाई.बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन पर बाजार चमक गया। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार दोगुना कारोबार हुआ और कपड़ा, राखी, मिठाई की बिक्री का आंकड़ा 250 करोड़ पार कर गया। वहीं राखियों की बिक्री ने भी पिछला रिकार्ड तोड़ दिया। व्यापारियों के मुताबिक लखनऊ में दो करोड़ की राखियां बिकी हैं। सबसे ज्यादा मांग लाइट, कार्टून और नग वाली राखियों की रही। मिठाई का कारोबार भी 200 करोड़ से अधिक का रहा। लखनऊ में शुक्रवार को बाजार दोपहर तक गुलजार रहा। अमीनाबाद, चौक, भूतनाथ मार्केट सहित अधिकांश बाजारों में रक्षाबंधन की दुकानें सजी थीं। आईटी चौराहा, निशातगंज पर लगी दुकानों पर महिलाएं राखी की खरीदारी करती दिखाई दीं।
चांदी के पायल भी खूब बिकी :
इस बार आभूषणों की भी खूब बिक्री हुई। विशेष रूप से चांदी की चमक बढ़ी। आठ से नौ हजार रुपए तक के चांदी के ब्रेसलेट की बिक्री हुई जबकि चांदी के राखियां पांच सौ से पांच हजार रुपये के बीच बिकीं। चौक सराफा बाजार के महामंत्री विनोद महेश्वरी ने बताया कि कि रक्षा बंधन पर कारोबार पिछले दो वर्षों की अपेक्षा बेहतर रहा है राखी के होलसेल डीलर और रिटेल विक्रताओं के यहां से शुक्रवार दोपहर तक राखियां खूब बिकीं। राजधानी में राखियों का अनुमानित कारोबार करीब 2 करोड़ रुपये का हुआ है। वहीं रक्षाबंधन से पहले देर रात तक बाजारों में महिलाएं मेहंदी लगवाने पहुंचीं।
जिला कारागार में बंद भाईयों की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी
रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने आने वाली बहनों को कोई असुविधा न हो किये व्यापक इंतजाम
लखनऊ। गोसाईंगंज स्थित जिला कारागार लखनऊ में रक्षाबंधन के अवसर पर सैकड़ों बहनें अपने जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी जल्द रिहाई व लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान कई भाइयों ने भविष्य में अपराध से दूर रहने का संकल्प लिया। रक्षाबंधन को लेकर जिला जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की थीं। जेल के मुख्य द्वार के बाहर एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी, ताकि बाहर से आने वाली बहनों को मुलाकात प्रक्रिया में कोई असुविधा न हो। हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों ने बहनों को टोकन, पर्ची और मुलाकात संबंधी जानकारी प्रदान की। भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए, कारागार प्रशासन ने मुलाकातियों के लिए मिष्ठान, स्वच्छ पेयजल और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की। लंबी कतारों में खड़ी बहनों को धूप से बचाने के लिए टेंट लगाए गए थे और बैठने की उचित व्यवस्था भी की गई थी। आपातकालीन चिकित्सीय स्थितियों से निपटने के लिए जेल परिसर में एक मेडिकल डेस्क भी स्थापित की गई थी। इस डेस्क पर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात थे,जिन्हें चक्कर, घबराहट या रक्तचाप संबंधी समस्याओं पर तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ जेल अधीक्षक आर.के. जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी सहित समस्त कारागार कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया। जेल अधीक्षक आरके जायसवाल के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर कुल 1689 पुरुष बंदियों को 3491 महिलाओं ने राखी बांधी, वहीं 1021 बच्चों ने भी अपने परिजनों से मुलाकात की। जेल परिसर के बाहर दिनभर रक्षाबंधन की रौनक और भावुक क्षण देखने को मिले।
जेल प्रशासन की ओर से नि:शुल्क व्यवस्था
जेल प्रशासन ने उन बहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की, जो किसी कारणवश राखी, रोली, अक्षत और मिठाई साथ नहीं ला पाई थीं। ऐसी सभी बहनों को कारागार प्रशासन की ओर से नि:शुल्क राखी पूजन सामग्री उपलब्ध कराई गई।
हेल्प डेस्क पर की राखी और मिष्ठान की व्यवस्था:
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक जेल प्रशासन की ओर से हेल्प डेस्क पर राखी के साथ ही मिष्ठान की निशुल्क व्यवस्था की गई थी।ताकि जल्दबाजी में जेल पहुँचने वाली महिलाओं को राखी और मिष्ठान के लिए भटकना न पड़े।राखी बांधने के बाद जेल से बाहर निकलने पर महिलाओं और बच्चों के लिए जलपान का विशेष इंतजाम किया गया था।जिसमें मिठाई कोल्डड्रिंक आदि की व्यवस्था की गई थी।





