भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक धूमधाम से मनाया गया
लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे वषार्योग के दौरान रक्षाबंधन पर्व श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूज्य मुनि उपाध्याय 108 श्री वीहसंत सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि रक्षाबंधन पर्व केवल बहन-भाई के रिश्ते में रक्षा का संकल्प लेने का पर्व नहीं है, बल्कि यह सभी की रक्षा का संकल्प लेने का पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बहन, अपनी मां, भाई-बहन, मित्र, समाज और राष्ट्र की रक्षा का नियम लेना चाहिए। जब हम दूसरों की रक्षा और उनके सम्मान की जिम्मेदारी लेने का संकल्प करते हैं, तभी रक्षाबंधन पर्व वास्तव में सार्थक होता है।
इसी अवसर पर जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 11वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांसनाथ जी का मोक्ष कल्याणक भी बड़े धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के समक्ष भक्तिपूर्वक 11 किलो का लड्डू अर्पित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनि श्री की पीछी में रक्षा सूत्र बांधा तथा एक-दूसरे को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति एवं धार्मिक उत्साह का वातावरण रहा।





