लखनऊ। सोमवार से घरेलू उड़ानें शुरू होने के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने तय किया है कि उत्तर प्रदेश आने वाले लोग अगर इसी राज्य के रहने वाले हैं, तो उन्हें 14 दिन के लिए घर पर पृथक-वास में रहना होगा। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की ओर से रविवार को जारी प्रोटोकाल के मुताबिक सभी यात्रियों को सलाह दी जाएगी कि वे हर समय भौतिक दूरी, साबुन से हाथ धोने के उपायों का कड़ाई से पालन करें तथा मास्क या फेस कवर अवश्य पहनें। उन्हें किसी भी परिस्थिति में समूह में इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी।
प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जो यात्री उत्तर प्रदेश छोडऩे की योजना नहीं बना रहे हैं, उन्हें 14 दिन की अवधि के लिए घर में पृथक-वास में रहना होगा। इन यात्रियों को घर में पृथक-वास के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। प्रसाद ने बताया कि आगमन के छठे दिन आगंतुक के द्वारा अपना परीक्षण कराया जा सकेगा तथा नेगेटिव आने पर गृह-पृथक-वास समाप्त कर दिया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास अपने घर में पृथक-वास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो तो उसे पृथक-वास में रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जो यात्री अल्पावधि यानी एक सप्ताह से कम समय के लिए प्रदेश में आ रहे हैं तथा यहां से किसी अन्य स्थान को जा रहे हैं अथवा वापस जा रहे हैं तो उन्हें वापसी की यात्रा का विवरण उपलब्ध कराना होगा। उन्हें पृथक-वास में जाने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे यात्रियों को हॉटस्पॉट के कंटेनमेंट जोन में जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि आने वाले समस्त यात्री हवाईअड्डे से बाहर निकलने से पहले लिंक आरईजी डॉट यूपी कोविड डॉट इन पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करेंगे। यह लिंक हवाईअड्डे पर विभिन्न स्थानों पर प्रमुखता से दिखाया जाएगा और उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को सूचित किया जाएगा। प्रत्येक यात्री को अपने मोबाइल फोन में आए ओटीपी का उपयोग करते हुए स्वयं और साथ में यात्रा कर रहे परिवार के सदस्यों का विवरण अंकित कर पंजीकरण करना होगा।
उन्होंने बताया कि पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा और एक पीडीएफ उनके मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी, जिसे ईमेल के माध्यम से भी भेजा जा सकता है। यात्रियों को हवाईअड्डे से बाहर जाने की अनुमति देने से पहले हवाईअड्डा सुरक्षा द्वारा इस एसएमएस या पीडीएफ की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि हवाईअड्डे पर सीआईएसएफ द्वारा सफल पंजीकरण डिस्प्ले की जांच करने के बाद यात्रियों को हवाईअड्डा परिसर से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी। यह कार्य भौतिक दूरी का पालन करते हुए सुनिश्चित किया जाएगा। डिस्प्ले की जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री संपर्क नहीं प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
प्रसाद ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से प्रदेश में अब तक 155 लोगों की जान गई है जबकि 3433 लोग पूर्णत: ठीक हो चुके हैं। शनिवार को 7575 नमूनों की जांच की गई। शनिवार को ही 892 पूल पांच-पांच नमूनों के और 202 पूल दस-दस नमूनों के लगाए गए। कुल 172 पूल पॉजिटिव आए। उन्होंने बताया कि हॉटस्पाट और गैर हॉटस्पाट्र क्षेत्रों में सर्विलांस का कार्य चल रहा है। कुल 71 लाख 57 हजार 288 घरों में तीन करोड़ 58 लाख, 88 हजार 600 लोगों का अभी तक सर्वेक्षण किया जा चुका है।
प्रसाद ने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप का लगातार उपयोग किया जा रहा है। नियंत्रण कक्ष से 32091 लोगों को फोन कर सलाह दी जा चुकी है। इनमें से 88 लोगों ने बताया कि वे कोरोना संक्रमित हैं और उनका उपचार चल रहा है। 47 लोगों ने बताया कि वे संक्रमित थे लेकिन अब पूरी तरह ठीक हो गए हैं। 1099 लोग पृथक-वास में हैं। उन्होंने बताया कि पृथक-वास वार्ड में 2686 लोग हैं जबकि पृथक-वास केंद्रों में 10, 540 लोगों को रखा गया है।
प्रसाद ने कहा कि सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कालेजों के अलावा 3000 से अधिक निजी चिकित्सालयों ने आपातकालीन सेवाएं शुरू कर दी हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक एवं कामगार आ रहे हैं और उनमें संक्रमण के मामले भी अधिक देखने को मिल रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने अब तक आठ लाख 60 हजार 147 प्रवासी कामगारों के घरों पर जाकर सर्वेक्षण किया है। इनमें से 873 लोग कोरोना वायरस के किसी न किसी लक्षण वाले मिले। उनके नमूने लेकर जांच की जा रही है।





