जकार्ता । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योज्ञाकार्ता में स्थित भव्य प्रम्बानन मंदिर परिसर गए। इस दौरान यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) के विश्व धरोहर स्थल के लिए संयुक्त संरक्षण
परियोजना की शुरूआत की गई। दोनों नेताओं के इस ऐतिहासिक स्थल पर जाने से भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
भारत की सहायता से इस मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार से जुड़ी परियोजना शुरू करने के लिए दोनों देशों ने
एक दिन पहले एक आशय-पत्र का आदान-प्रदान किया था।मोदी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में सोमवार को जकार्ता पहुंचे थे जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह आॅस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढांचे के तहत व्यापार, सुरक्षा और दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।
मोदी ने मंगलवार को जकार्ता में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कहा था,एक हजार वर्ष से अधिक पुराना प्रम्बानन मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का शाश्वत प्रतीक है। इस संयुक्त संरक्षण परियोजना में भारत की ओर से प्रमुख एजेंसी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) होगा। प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ इस प्रतिष्ठित मंदिर परिसर में जाना यह भी दर्शाता है कि भारत अपने साझेदार देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में सांस्कृतिक कूटनीति को कितना महत्व देता है। प्रम्बानन मंदिर परिसर पहुंचने पर मोदी का पारंपरिक स्वागत किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ इस प्राचीन स्थल का अवलोकन किया।
दोनों नेताओं के बीच उस समय गर्मजोशी दिखाई दी, जब उन्होंने हाथ मिलाया और मंदिर परिसर के केंद्रीय शिखरों की पृष्ठभूमि में तस्वीर खिंचवाई।मोदी को इंडोनेशिया-भारत कोलैबोरेटिव कल्चरल हेरिटेज कंजर्वेशन फॉर प्रम्बानन टेंपल कंपाउंड शीर्षक वाले औपचारिक सूचना-पट्ट के माध्यम से इस परियोजना और मंदिर के इतिहास की जानकारी दी गई।इस सूचना-पट्ट में परियोजना की रूपरेखा और उससे अपेक्षित परिणामों का भी उल्लेख किया गया है।इस दौरान इंडोनेशिया के लोगों के एक समूह ने पारंपरिक मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि के साथ मोदी का स्वागत किया।
मंदिर परिसर जाने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में दोनों नेताओं की एक तस्वीर साझा की जिसमें वे विमान में गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए नजर आ रहे हैं।मोदी ने लिखा,राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योज्ञाकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जाते हुए। एक अन्य पोस्ट में मोदी ने मंदिर परिसर का वीडियो साझा करते हुए लिखा, भव्य प्रम्बानन मंदिर प्रम्बानन मंदिर परिसर योज्ञाकार्ता में स्थित यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है। योज्ञाकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित सदियों पुराना यह मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है।
दसवीं शताब्दी में बना यह परिसर इंडोनेशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़ा मंदिर परिसर है। यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार, सबसे भीतरी वर्गाकार प्रांगण के केंद्र में तीन मंदिर हैं जिन पर रामायण महाकाव्य के प्रसंगों को दर्शाती नक्काशी है। ये तीन मंदिर हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवताओं-शिव, विष्णु और ब्रह्मा-को समर्पित हैं। इनके अलावा तीन मंदिर उन पशुओं को समर्पित हैं जिन्हें इन देवताओं का वाहन माना जाता है।





