पिछले वर्ष यह संख्या करीब 230 थी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यशालाओं में इस वर्ष प्रतिभागियों का उत्साह दोगुना दिखाई दे रहा है। अकादमी के अनुसार इस बार विभिन्न विधाओं की कार्यशालाओं में कुल 450 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या करीब 230 थी। प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या को लेकर अकादमी के अधिकारी भी उत्साहित हैं। इस वर्ष अकादमी ने पहली बार गजल और भजन गायन विधा को कार्यशाला में शामिल किया है। नई शुरूआत को प्रतिभागियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। केवल गजल और भजन वर्ग में ही करीब 90 प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसमें युवाओं, छात्रों और संगीत प्रेमियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। इसके साथ ही कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को संगीत, नृत्य और नाट्य कला की विभिन्न बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा सुर, लय, अभिनय, प्रस्तुति और मंच संचालन जैसे विषयों पर अभ्यास कराया जा रहा है। गजल और भजन वर्ग में विशेष रूप से भाव अभिव्यक्ति, उच्चारण और गायन शैली पर ध्यान दिया जा रहा है। अकादमी निदेशक डा. शोभित कुमार नाहर ने कहा कि पारंपरिक कला विधाओं के प्रति युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि इस बार बड़ी संख्या में नए प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। कार्यशाला के दौरान प्रतिदिन रियाज, समूह अभ्यास और प्रस्तुति सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि प्रतिभागियों का आत्मविश्वास विकसित हो सके।





