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सुरक्षा बलों ने विफल की पाकिस्तानी साजिश

आईईडी का पता लगाया, बड़ा हादसा टला, एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर ली तलाशी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के उच्च सुरक्षा वाले गोगो इलाके में सुरक्षा बलों ने समय पर एक आईईडी का पता लगा कर एक बड़े हादसे को टाल दिया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह क्षेत्र कई संवेदनशील रक्षा और नागरिक प्रतिष्ठानों के करीब है, जिसमें श्रीनगर हवाई अड्डा, तकनीकी हवाई अड्डा, जम्मू-कश्मीर सेना की लाइट इन्फैंट्री का मुख्यालय शामिल है। उन्होंने बताया कि वहां संभावित विध्वंसक गतिविधियां होने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सोमवार रात ही सेना और पुलिस ने गोगो इलाके की घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, तलाश अभियान के दौरान ही आईईडी बरामद हुआ और तुरंत ही बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिसने उसे निष्क्रिय कर दिया।

 

वहीं एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की मदद से जम्मू क्षेत्र के डोडा और किश्तवाड़ जिलों तथा कश्मीर घाटी में अनंतनाग, बारामूला, कुलगाम और श्रीनगर में तलाशी ली गई। एजेंसी ने कहा, तलाशी के दौरान संदिग्धों के परिसरों से कई डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू के बठिंडी इलाके में 27 जून को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी के पास से पांच किलोग्राम का आईईडी बरामद किया गया था। उन्होंने बताया कि इस बाबत जम्मू के बाहु फोर्ट थाने में शुरू में मामला दर्ज किया गया था। प्रवक्ता ने बताया, लश्कर की साजिश का मकसद जम्मू में आईईडी का इस्तेमाल करके विस्फोट करना था। एनआईए ने 19 जुलाई को फिर से मामला दर्ज किया था और पहले इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तान में बैठे आका और जम्मू-कश्मीर में उनके सहयोगी, द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का उपयोग करके केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि मामले की जांच जारी है।

 

अधिकारियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर बाड़ के पास दुश्मन से शुरुआती आमना-सामना में एक सैनिक घायल हो गया था और यह सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया गया कि यदि घुसपैठिएं हो तो वे आंतरिक क्षेत्र में ना जा पाएं। अधिकारियों ने सोमवार को एहतियात के तौर पर उरी में सभी टेलीफोन और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया था। यहां जिस क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखी गई, वह गोहलान के पास पड़ता है, जहां सितंबर 2016 में उरी ब्रिगेड पर हमला किया गया था।

 

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