लखनऊ। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी को ये व्रत पड़ता है। ऐसे में साल में कुल 24 एकादशी पड़ती है। लेकिन इस साल अधिक मास होने के कारण कुल 26 एकादशी पड़ने वाली है, जो ज्येष्ठ मास में पड़ेगी। बता दें कि करीब तीन साल बाद अधिक मास आता है। ऐसे ही ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी के नाम से जानते हैं। इसके अलावा इसे कमला एकादशी और पुरुषोत्तमी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ व्रत रखने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है। अधिक मास की पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने के साथ मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 मई को सुबह में 5 बजकर 10 मिनट पर आरंभ हो रही है, जो 27 मई को सुबह 6 बजकर 21 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई, बुधवार को रखा जाएगा।
पद्मिनी एकादशी पर बन रहा खास योग
इस साल पद्मिनी एकादशी पर रवि योग से लेकर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में श्री विष्णु की पूजा करने से कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो सकती है। बता दें सर्वार्थसिद्धि और रवि योग दोनों ही 27 मई 05:45 एएम से आरंभ है, जो 05:56 एएम पर समाप्त हो रहे हैं।
पद्मिनी एकादशी का धार्मिक महत्व
पद्मिनी एकादशी केवल अधिक मास में ही आती है। इसी के कारण इसे काफी दुर्लभ और पुण्यदायी कहा जाता है। इस एकादशी के महत्व के बारे में स्कंद पुराण, भविष्य पुराण आदि में विस्तार से बताया गया है। ग्रंथों के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलने के साथ अनेक यज्ञ, तीर्थ करने के बराबर पुण्य की प्राप्ति हो सकती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी के साथ विष्णु जी की कृपा बनी रहती हैं। इस एकादशी का व्रत रखने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
एकादशी की पूजा विधि
एकादशी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। मंदिर को गंगाजल से शुद्ध कर भगवान विष्णु की तस्वीर स्थापित करें। भगवान के सामने दीपक जलाएं और जल, फूल व तुलसी अर्पित करें। इस दिन विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। शाम को आरती करें और अगले दिन द्वादशी पर व्रत खोलें।





