कोरोना काल, पाठ्यक्रम बदलाव और नई भर्ती नियमावली 2026 का हवाला देकर मंत्रियों व जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों ने दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग को लेकर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। 21 जुलाई को अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और शासन स्तर पर राहत दिलाने का अनुरोध किया। इससे पहले 19 जुलाई को अभ्यर्थियों ने एमएलसी एवं पूर्व सांसद हरिओम पांडे, पूर्व मंत्री व कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद, गोसाईंगंज विधायक अभय सिंह तथा बीजेपी के अंबेडकर नगर जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा (साधू वर्मा) को ज्ञापन देकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
ज्ञापनों के माध्यम से अभ्यर्थियों ने बताया कि कोरोना काल (2019-21) के दौरान कोचिंग, लाइब्रेरी और परीक्षाएं ठप रहने से छात्रों के बहुमूल्य वर्ष बर्बाद हो गए। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच पीसीएस पाठ्यक्रम में हुए व्यापक बदलाव के कारण अभ्यर्थियों को नए सिरे से शून्य से तैयारी शुरू करनी पड़ी। छात्रों का कहना है कि ‘नई सेवा भर्ती नियमावली 2026’ का लाभ 2026 में ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को नहीं मिल सका है। यदि इस नियमावली को 1 जनवरी 2026 से लागू मान लिया जाए, तो प्रभावित युवाओं को एक वर्ष का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। अभ्यर्थियों ने तर्क दिया कि जिस तरह यूपी पुलिस भर्ती, यूजीसी नेट, केंद्रीय सेवाओं और पूर्व में यूपीएससी द्वारा अवसर बढ़ाए गए, उसी तर्ज पर यूपीपीसीएस में भी दो अतिरिक्त मौके दिए जाने चाहिए।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमोद कुमार पाठक, मनोज वर्मा, प्रदीप कनौझिया, मनीष पांडे, बलवंत राय, शैलेश राजभर, जनार्दन कुमार राजभर, अजय निषाद, द्रौपदी वर्मा, अंकित सिंह, सीमा सिंह और शशांक भूषण सहित कई प्रभावित प्रतियोगी छात्र शामिल रहे। जनप्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की व्यथा सुनकर उनकी न्यायोचित मांगों को शासन और मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है।





