back to top

राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम आंशिक रूप से लागू

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम गुरुवार को आंशिक रूप से लागू हो गया है, जिससे एक सर्व शक्तिशाली राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) और खेल विवादों को सुलझाने के लिए एक पंचाट बनाने का रास्ता साफ हो गया है।

इस अधिनियम को पिछले साल 18 अगस्त को अधिसूचित किया गया था और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे देश का सबसे बड़ा खेल सुधार बताया है।

जिन प्रावधानों को लागू किया जा रहा है, वे राष्ट्रीय खेल निकायों की स्थापना और शासन ढांचे से संबंधित हैं, जिनमें राष्ट्रीय ओलंपिक समिति, राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति, राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) और क्षेत्रीय खेल संघ शामिल हैं।

मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘उक्त अधिनियम की धारा 1 से 3, धारा 4 की उप-धारा (1), (2) और (4), धारा 5 के उप-धारा (1) और (2), धारा 8 के उप-धारा (5), धारा 11 के उप-धारा (1), धारा 14 और 15, धारा 17 की उप-धारा (1) से (7) और (10), धारा 30 और 31, और धारा 33 से 38 के प्रावधान लागू होंगे।

अधिनियम के प्रावधानों के तहत चुनाव होने के बाद सभी निकायों के लिए 15 से अधिक सदस्यों वाली कार्यकारी समितियां बनाना अनिवार्य होगा, जिनमें कम से कम दो खिलाड़ी (एसओएम) शामिल होंगे।

अधिनियम के आंशिक रूप से लागू होने के साथ ही राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) और राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

एनएसबी में एक अध्यक्ष और ऐसे सदस्य होंगे जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा ‘योग्यता, ईमानदारी और प्रतिष्ठा वाले व्यक्तियों’ में से की जाएगी और जिनके पास लोक प्रशासन, खेल प्रशासन, खेल कानून और अन्य संबंधित क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव हो।

मंत्रालय ने कहा, इस अधिनियम को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का उद्देश्य वैधानिक खेल प्रशासन ढांचे में सुचारू बदलाव सुनिश्चित करना है।

मंत्रालय ने उन राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को, जिनके आगामी कुछ महीनो में चुनाव होने वाले हैं, अधिनियम के पूर्ण तरह से लागू करने के लिए प्रक्रिया को दिसंबर तक स्थगित करने की अनुमति पहले ही दे दी है। इसका मतलब है कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के चुनाव साल के काफी अंत में होंगे।

प्रस्तावित तीन सदस्यीय निकाय, एनएसबी के पास न केवल एनएसएफ को संबद्धता प्रदान करने की शक्ति होगी, बल्कि अधिनियम के पूरी तरह से लागू होने के बाद उनके वित्तीय संचालन की निगरानी करने और किसी भी कदाचार के लिए उन्हें दंडित करने की भी शक्ति होगी।

सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए एनएसएफ के लिए एनएसबी से संबद्धता अनिवार्य होगी। एनएसबी के सभी सदस्यों के लिए आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय खेल पंचाट के सदस्य चार साल के लिए पद पर रहेंगे और उनकी आयु सीमा 67 वर्ष होगी।राष्ट्रीय खेल संघों और अन्य खेल निकायों के चुनावों के प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल (एनएसईपी) का गठन भी किया जाना है।

RELATED ARTICLES

उत्तर प्रदेश में सात PCS अधिकारियों के तबादले,निधि पाण्डेय बनीं लखनऊ की SDM

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन की ओर से जारी सूची के अनुसार...

लखनऊ में तिरंगामय हुआ माहौल, हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकलीं यात्राएं

लखनऊ। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार को राजधानी लखनऊ में नगर निगम की ओर से कई स्थानों पर भव्य तिरंगा यात्राओं का...

गोसाईंगंज में 03 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, अलीगंज समेत अन्य जगहों पर 05 अवैध निर्माण सील

लखनऊ । लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बुधवार को गोसाईंगंज में अभियान चलाकर लगभग 15 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 03 अवैध प्लाटिंग पर...

जश्न-ए-आजादी में डूबा शहर, रंग-बिरंगी लाइट्स ने जीता दिल

लखनऊ। स्वंतत्रता दिवस को लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ सज चुकी है। 15 अगस्त को देखते हुए लखनऊ तिरंगे और रंग-बिरंगी लाइट में रंगा...

जंग-ए-आजादी की गवाह लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतें

15 अगस्त यानी आजादी का दिन। जंग-ए-आजादी 1857 की क्रांति में लखनऊ की तीन ऐतिहासिक इमारतें ऐसी थीं, जो हिंदुस्तानी सैनिकों के लहू से...

धूमधाम से निकली मंगल कलश यात्रा

झुंझुनूं वाली दादी जी का 23वां झूला उत्सवलखनऊ। मंगल कलश उठाने वाली आज खुला है भाग्य तेरा आशीर्वाद मिला है मां का अमर रहेगा...

हास्य नाटक ‘घर की मुर्गी’ का मंचन 20 को

लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय नई दिल्ली और संस्कृति निदेशालय उत्तरप्रदेश के सहयोग से नगर की रंगसंस्था बिम्ब सांस्कृतिक समिति द्वारा राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह कैसरबाग...

हरियाली तीज आज, सुहागिनें रखेंगी पति के दीर्घायु के लिए व्रत

लखनऊ। हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। विवाहित महिलाएं और अविवाहित लड़कियां दोनों ही इस व्रत को...

स्वतंत्रता दिवस से पहले तिरंगे के रंग में रंगा बाजार

लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए बाजार आजादी के रंग में रंग गया है। राजधानी लखनऊ में कई दुकानें तिरंगा, टोपी, बिल्ला, हैंडरिबन, टीशर्ट...