- सीएम योगी ने सप्तपुरियों में प्रथम अयोध्या में आज 432 करोड़ से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही, विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व स्वीकृति-पत्र भी वितरित किए।
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में बीकापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित खिरौनी-सुचितागंज नगर पंचायत अब ‘मां ज्वाला देवी’ के नाम से जानी जाएगी जबकि भदरसा नगर पंचायत का नाम ‘भरत नगर’ होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के इस फैसले की घोषणा शुक्रवार को की। सीएम ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री दिवंगत मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह ऐलान किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में 432 करोड़ रुपये की लागत वाली 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि विधायक अमित सिंह चौहान ने खिरौनी-सुचितागंज नगर पंचायत का नाम बदलकर मां ज्वाला देवी के नाम पर रखने की मांग की थी। योगी ने कहा कि अब यह नगर पंचायत मां ज्वाला देवी नगर पंचायत के नाम से जानी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब भदरसा नगर पंचायत का नाम भरत नगर होगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आपने हाल में भदरसा में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का आचरण देखा है। यह उनके असली चरित्र को दर्शाता है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि नया नाम भगवान राम के छोटे भाई भरत के सम्मान में रखा गया है। आदित्यनाथ ने कहा, ‘भगवान राम की आज्ञा का पालन करते हुए भरत ने भरत कुंड के पास 14 वर्ष बिताए। उस दौरान भगवान राम की चरण पादुकाएं प्रतीकात्मक रूप से अयोध्या पर शासन कर रही थीं। दुनिया में भरत जैसा भाई मिलना कठिन है।’
मुख्यमंत्री ने मुन्ना सिंह चौहान के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘मुन्ना सिंह चौहान संघर्ष के बल पर आगे बढ़े थे और सामान्य परिवार में पैदा होने के बाद भी उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास और किसानों के उन्नयन के लिए अपना जीवन समर्पित किया।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘उन्होंने अपनी विरासत डॉ. अमित सिंह चौहान को सौंपी है और अमित अपने पिता मुन्ना सिंह चौहान के सपनों को साकार करने तथा ‘डबल इंजन’ सरकार के विजन को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।’
ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल आगामी वर्ष 2027 के मई में पूरा हो जाएगा। ऐसे में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में यूपी विधानसभा चुनाव होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव इसी वर्ष नवंबर-दिसंबर में ही हो सकते हैं क्योंकि अगले वर्ष जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। चुनाव और जनगणना, एकसाथ होने पर कर्मियों का अभाव हो सकता है और दोनों प्रक्रियाएं बाधित हो सकती हैं। बहरहाल, चुनाव जब भी हो, लेकिन इसकी बिसात बिछ चुकी है।





