जिलहिज्जा की पहली तारीख मंगलवार 19 मई को
लखनऊ। रविवार को इस्लामी माह जिलहिज्जा का चांद नहीं दिखा। उलेमाओ ने ऐलान किया कि जिलहिज्जा की पहली तारीख मंगलवार 19 मई को होगी। गुरुवार 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व अकीदत व रवायत के मुताबिक मनाया जाएगा। उलमा किराम ने पर्व में अमन, शांति व भाईचारा बनाए रखने और साफ-सफाई का खास ख्याल रखने की अपील की है। चांद नहीं दिखने का एलान मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मोलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने की। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर्व 28 मई को परंपरा व अमन शांति के साथ मनाया जाएगा। मुसलमानों द्वारा 28, 29 व 30 मई को कुबार्नी अदा की जाएगी। मौलाना ने बताया कि कुबार्नी करने का हुक्म कुरआन-ए-पाक में दिया हुआ है। कुबार्नी करना वाजिब है। कुबार्नी पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। जो इस उम्मत के लिए बरकरार रखी गई है और पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद को इसका हुक्म दिया गया है।





