लखनऊ। शनिवार को ईद-उल-अजहा का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ लखनऊ सहित देश भर में मनाया गया। ईदगाहों व मस्जिदों में नमाज पढ़ने के बाद लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी और इसके बाद कुर्बानी दी। ईदगाहों व मस्जिदों के पास बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया था। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक के बाद एक कई राउंड में ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज पढ़ी और देश की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
बता दें नमाज और कुर्बानी के लिए पहले ही गाइडलाइन जारी कर दी गई थी और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। राजधानी लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह, टीले वाली मस्जिद और बड़े इमामबाड़े पर बकरीद की नमाज अदा की गई। शहर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किया गया है।
राजधानी में सुबह सात बजे से 11 बजे तक ईद की नमाज का सिलसिला चलता रहा। लखनऊ के ऐशबाग मस्जिद, टीले वाली मस्जिद, आसिफी मस्जिद समेत कई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस मुस्तैद रही। ईदुल अजहा यानी बकरीद के मौके पर इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के मौलाना राशिद फिरंगी महली ने अपील किया कि किसी प्रतिबंधित जीव की कुबार्नी न दें। खून को नालियों में न बहाएं, उसे जमीन में दफन कर दे। शांति और आपसी भाईचारा कायम रहे। इसके लिए यूपी सरकार और इस्लामिक सेंटर आॅफ इंडिया की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। मुफ्ती इरफान मियां फरंगी महली, शिया मौलाना कल्बे जवाद, मौलाना सैफ अब्बास ने भी लोगों से कहा कि आपसी एकता और भाईचारे के साथ त्योहार मनाए, कोई भी ऐसा काम न करे, जो किसी दूसरे की भावनाओं को ठेस पहुंचे।
इबादत के बाद शुरू हुआ कुर्बानी का सिलसिला:
कुर्बानी के जज्बे के साथ ईद-उल-अजहा पर शनिवार को अल्लाह की बारगाह में लाखों सिर सजदे में झुके। प्रदेश भर में बकरीद पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। राजधानी लखनऊ में ईद-उल-अजहा की सबसे बड़ी जमात ऐशबाग ईदगाह में अदा की गई। इबादत के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ। इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज पढ़ाया। शिया समुदाय की सबसे बड़ी जमात आसिफी मस्जिद में अदा हुई। यहां मौलाना सैयद सरताज हुसैन की इमामत में ईद-उल-अजहा की नमाज सुबह 11 बजे अदा की गई। ईद उल अजहा की नमाज सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आई। भारी संख्या में मस्जिदों में मुस्लिम समाज के लोग पहुंचकर ईद उल अजहा की नमाज अदा कर देश में अमन और शांति के साथ भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद एक दूसरे को गले लगाकर बकरीद की बधाई भी दी।





