काकोरी जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य समापन
21 फीट ऊंची आदिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा का हुआ भव्य महामस्तकाभिषेक, उमड़ा जनसैलाब
लखनऊ। काकोरी स्थित जैन मंदिर में चल रहे भव्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन सोमवार को ‘मोक्ष कल्याणक’ के पावन आयोजन के साथ समापन हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन भगवान आदिनाथ के मोक्ष गमन के साक्षी बनने के लिए लखनऊ ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में जैन श्रद्धालु काकोरी पहुँचे। पूरा परिसर ‘आदिनाथ भगवान की जय’ और ‘गुरुवर के जयकारों’ से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम की शुरूआत प्रात: 6:00 बजे भक्तिभाव के साथ हुई। सबसे पहले भगवान का भव्य अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन और केवल ज्ञान पूजन किया गया। इसके बाद परम पूज्य आचार्य श्री के ससंघ सानिध्य में एक विशाल और आकर्षक कैलाश पर्वत की रचना की गई, जहाँ से आदि प्रभु (भगवान आदिनाथ) का मोक्ष गमन की क्रियाएं संपन्न कराई गईं। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से मोक्ष कल्याणक पूजन किया और विश्व शांति महायज्ञ में आहुतियां देकर पूणार्हुति (विसर्जन विधि) संपन्न की। इस पावन अवसर पर उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज ने अपने दिव्य प्रवचनों में मोक्ष कल्याणक के महत्व को समझाया। इसके पश्चात भगवान श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वेदी में श्रीजी को विराजमान करने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच कलशारोहण और ध्वजारोहण की रस्में पूरी की गईं।
21 फीट ऊंची प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक
महोत्सव का मुख्य आकर्षण नवनिर्मित 21 फीट ऊंची आदिनाथ भगवान की विशाल प्रतिमा का प्रथम महामस्तकाभिषेक रहा। श्रावक एवं श्राविकाओं ने अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान का पंचामृत मस्तकाभिषेक किया। इसके साथ ही भगवान की इस नई और भव्य प्रतिमा के दर्शन का क्रम भी शुरू हो गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस ऐतिहासिक और भव्य आयोजन को सफल बनाने में जैन समाज के प्रमुख पदाधिकारियों और प्रबुद्ध जनों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से संजीव जैन, संदीप जैन, आदीश जैन सर्राफ, विकास जैन, रीतेश जैन (पुस्तक वाटिका), विशाल जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, ऋषभ जैन, रोहित जैन, अखिलेश जैन, रिंकू जैन एवं रितेश जैन सहित भारी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।





