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36,000 एससी व एसटी और महिला उद्यमियों को होगा फायदा
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अब तक एमएसएमई इकाइयों को मिला 29,000 करोड़ रुपये का लोन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को हर जिले में ‘लोन मेला’ आयोजित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों को लोन मेले के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत अनुमन्य ऋण उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने इस संबंध में बैंकों के साथ समन्वय बनाते हुए बैंक शाखावार लक्ष्य तय किये जाने के निर्देश भी दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टैण्ड-अप इंडिया स्कीम के माध्यम से हर बैंक शाखा द्वारा कम से कम एक अनुसूचित जाति व जनजाति और एक महिला उद्यमी को लोन उपलब्ध कराया जाये। इससे प्रदेश के 36,000 अनुसूचित जाति व जनजाति और महिला उद्यमियों को फायदा मिलेगा।
यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि 14 मई के बाद से अब तक प्रदेश की 6.24 लाख नयी एमएसएमई इकाइयों को बैंकों द्वारा 18,330 करोड़ रुपये का लोन दिया जा चुका है। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारण्टी स्कीम के माध्यम से पहले से चल रही 4.37 लाख एमएसएमई इकाइयों को कुल 10,847 करोड़ रुपये का लोना दिया जा चुका है। इस तरह बैंकों के माध्यम से विभिन्न श्रेणी की एमएसएमई इकाइयों को 29,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का लोन दिया गया है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अवगत कराया गया है कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारण्टी स्कीम (ईसीएलजीएस) एक ‘ऑप्ट आउट’ योजना है। इस योजना का दृष्टिकोण सार्वभौमिक है। सभी संस्थाएं योजना के तहत सहायता के लिए पात्र हैं, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता मानदण्डों को पूरा करती हों।
ईसीएलजीएस के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), व्यवसाय उद्यम, व्यवसाय के मकसद से लोन लेने वाले व्यक्ति और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेने वाले इस योजना के तहत सहायता के लिए प्राप्त है। योजना के दिशा-निर्देशों किसी रोजगार सृजन योजना के तहत स्थापित होने के आधार पर किसी इकाई या उद्यम के अपात्र होने के संबंध में कोई शर्त नहीं है।





