वरिष्ठ अधिकारी हर दिन करें अपने प्रभार वाले जिलों की मॉनिटरिंग
अनिवार्य रूप से किया जाये छिड़काव व फोगिंग
लखनऊ, वाराणसी सहित पांच जिलों में उठाये जायें प्रभावी कदम
कन्टेनमेंट जोन में एनसीसी कैडेट्स की सेवाएं लेने पर हो विचार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 और संचारी रोग के नियंत्रण के संबंध में अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से समग्र रणनीति तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर जिले में नोडल अधिकारी हर दिन इसकी समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने टीम-11 के साथ अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा जनपदवार नामित किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपने प्रभार वाले जिले में स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन के विशेष अभियान की माॅनिटरिंग मुख्यालय से करें।
अभियान के दौरान कोविड-19 और संचारी रोगों की रोक-थाम, मेडिकल स्क्रीनिंग की कार्यवाही, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन से जुड़े काम पूरी रफ़्तार से चलाये जायें। उन्होंने विशेष स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन अभियान के दौरान छिड़काव व फाॅगिंग अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिये हैं।
योगी ने प्रदेश में 48 हजार टेस्ट प्रतिदिन की टेस्टिंग क्षमता अर्जित किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे बढ़ाकर 50 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसके तहत आरटीपीसीआर विधि से 30-35 हजार टेस्ट, ट्रूनैट मशीन से 2-2.5 हजार टेस्ट और रैपिड एन्टीजन टेस्ट के माध्यम से 20-25 हजार टेस्ट प्रतिदिन किये जायें।
टेली कन्सल्टेंसी द्वारा चिकित्सीय परामर्श को प्रोत्साहित किया जाये। उन्होंने कोविड-19 से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करने में इलेक्ट्राॅनिक व प्रिंट मीडिया के साथ-साथ जगह-जगह पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किए जाने पर भी ज़ोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झांसी, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर नगर और प्रयागराज जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की ज़रुरत है। इसके मद्देनज़र इन जिलों में कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जायें।
योगी ने कहा कि पुलिस बल को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी सावधानियां बरती जायें। प्रवर्तन ड्यूटी करने वाले पुलिस कार्मिकों को मास्क, ग्लव्स तथा सेनिटाइजर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाये। कन्टेनमेंट जोन में पुलिस बल को सहयोग देने के के लिए होमगार्ड और पीआरडी के जवानों के साथ-साथ एनसीसी कैडेटों की सेवाएं भी प्राप्त करने पर विचार किया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 एक संक्रामक रोग है, जिसे नियंत्रित रखने में साफ-सफाई बहुत ज़्यादा जरूरी है। इसको देखते हुए एल-1 कोविड अस्पताल वहीं बनाए जाएं, जहां स्वच्छता सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने एल-1 कोविड हॉस्पिटलों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए सभी जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि एल-1 श्रेणी के कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।





