नयी दिल्ली। गायक कैलाश खेर ने एक कार्यक्रम में यह कहते हुए गाने से इनकार कर दिया कि कलाकारों को मसखरा मत बनाइए। उन्होंने ऐसी मांगें न करने की भी अपील की। खेर शनिवार को दिल्ली में एक पुरस्कार समारोह में शामिल हुए, जहां उनसे कुछ पंक्तियां गाने के लिए कहा गया। अनुरोध को अस्वीकार करते हुए, गायक ने विभिन्न क्षेत्रों के व्यक्तियों की तुलना करते हुए कहा कि यह क्रिकेटर को छक्का मारने या सैनिक को गोली चलाने के लिए कहने जैसा है।
कार्यक्रम के सामने आए वीडियो में वह कहते दिखे, यही मैं बदलना चाहता हूं। यही मेरे मन में ललक लगी हुई है, यही बदलना है…कि गायक को, संगीत को ऐसे न माना जाए कि सर दो लाइन गा दीजिए, मूड बना दीजिए। ये बहुत गलत है। ये अनुरोध ही मत कीजिए। उन्होंने कहा, आप क्या सचिन तेंदुलकर को बोलेंगे कि जरा एक छक्का लगाके दिखा दीजिये? इस पृथ्वी पर कोई ऐसा नहीं करता। या सेना के जवान को नहीं बोलेंगे कि अपनी पोजिशन लेके एक जरा शॉट लगा दीजिए। ऐसा मत कीजिए, प्लीज।
मसखरा मत बनाइए कलाकार को। साधक को मनोरंजक मत बनाइए। कलाकार, साधक होते हैं, वे अपने मन के होते हैं। खेर को 2003 में सफलता मिली, जिसके बाद उन्होंने कई गानों को अपनी आवाज दी। उनके कुछ उल्लेखनीय गानों में यूं ही चला चल , तेरी दीवानी और सैयां शामिल हैं।





