नयी दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में एक घर से 79 जीवित देसी बमों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस घटना की गंभीरता और चुनावी माहौल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने रविवार को इस मामले की जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में ले ली है। एनआईए ने इस संबंध में एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जो मूल रूप से शनिवार को कोलकाता के भांगड़ संभाग के उत्तर काशी पुलिस थाना में दर्ज की गई थी। आतंकवाद रोधी एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे की साजिश की गहराई से पड़ताल करेगी।
एनआईए के प्रवक्ता द्वारा रविवार देर रात जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह मामला कोलकाता पुलिस द्वारा जब्त किए गए उन 79 देसी बमों और अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों से संबंधित है, जिन्हें एक गुप्त स्थान पर बड़ी साजिश के तहत छिपाकर रखा गया था। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इन विस्फोटकों का इतनी बड़ी मात्रा में भंडारण न केवल सार्वजनिक संपत्ति के लिए खतरा था, बल्कि इससे मानव जीवन को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सकता था। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि इन बमों का निर्माण कहां किया गया था, इन्हें किसके निर्देश पर इकट्ठा किया गया था और चुनाव के दौरान इनका उपयोग कहां किया जाना था। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विस्फोटक सामग्री एक व्यक्ति के घर में छिपाई गई थी, जो स्थानीय स्तर पर काफी सक्रिय बताया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम में निर्वाचन आयोग ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य भर में देसी बमों के अवैध निर्माण और भंडारण में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। अधिकारी ने बताया कि आयोग ने यह भी तय किया है कि भविष्य में इस तरह के विस्फोटकों के निर्माण से संबंधित किसी भी मामले की जांच अब सीधे एनआईए द्वारा ही की जाएगी, ताकि अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय लिंक की जांच पारदर्शी तरीके से हो सके। यह निर्णय विशेष रूप से चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने और मतदाताओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने के उद्देश्य से लिया गया है।
राजनीतिक रूप से भी यह मामला काफी गरमा गया है क्योंकि पुलिस ने यह बरामदगी दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में रफीकुल इस्लाम नामक व्यक्ति के आवास से की है। सूत्रों के मुताबिक, रफीकुल इस्लाम को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कथित कार्यकर्ता बताया जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पुलिस को मिली एक विशिष्ट सूचना के आधार पर जब रफीकुल के घर की तलाशी ली गई, तो वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक और बम बनाने की सामग्री बरामद हुई। चुनाव के ठीक पहले इतनी बड़ी खेप का मिलना किसी बड़ी हिंसक वारदात की योजना की ओर इशारा करता है, जिसे सुरक्षा बलों की सतर्कता ने समय रहते विफल कर दिया।
पश्चिम बंगाल में इस समय सत्ता की जंग अपने चरम पर है और विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल दो चरणों में मतदान होना तय हुआ है। पहले चरण में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को शांतिपूर्ण और कुछ छिटपुट घटनाओं के बीच मतदान संपन्न हो चुका है। अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे और अंतिम चरण के मतदान पर टिकी हैं। दूसरे चरण के मतदान से महज कुछ दिन पहले भांगड़ जैसे संवेदनशील इलाके में बमों का जखीरा मिलना सुरक्षा प्रबंधों के लिए एक बड़ी चुनौती है। एनआईए की एंट्री से अब उन स्थानीय गुर्गों और उनके आकाओं में खलबली मच गई है जो हिंसा के दम पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिशों में जुटे थे। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।





