नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या किसी अधिवक्ता के माध्यम से उनके समक्ष पेश नहीं होंगे। पार्टी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
केजरीवाल ने पत्र में लिखा, न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग का अनुसरण करने का निर्णय लिया है।
‘आप’ प्रमुख केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने यह निर्णय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है।दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि वह न्यायमूर्ति शर्मा के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए उच्चतम न्यायालय में अपील करने का अधिकार है।





