लखनऊ। मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे गुरुवार आएंगे जैसे भक्ति गीतों के साथ जैन समाज की सैकड़ो महिलाओं ने बुधवार को कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा जिधर निकली उधर का माहौल भक्ति से शराबोर रहा है। मौका था काकोरी जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का प्रथम दिन। प्रात कलश यात्रा निकाली गई कलश यात्रा क्षेत्र में निकालने के बाद कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई जहां पर झंडा रोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ। उसके बाद कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए अंत में आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल प्रवचन हुआ। इस मौके पर सौधर्म इन्द्र विशाल जैन, कुबेर इन्द्र रोहित जैन, विशुद्ध सागर, सुबल सागर, विहसन्त सागर, विशल्य सागर,श्रवणबेलगोला से पधारे भट्टारक चारुकीर्ति महाराज सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे। इस मौके पर विशाल जैन, आदीश जैन, डॉ अभय जैन आदि लोग मौजूद रहे।
आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीव को आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। महाराज जी के अमृत वचनों को सुनने के लिए पंडाल भक्तों से खचाखच भरा रहा और पूरा परिसर जयकारों से गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने महाराज जी के चरणों में श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही शुरू हुए मांगलिक अनुष्ठान हुए। सकलीकरण इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठ एवं यज्ञ मंडल विधान का प्रारंभ किया गया।





