लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि अनलाॅक का अर्थ है अनुशासन। कोरोना से बचाव के लिए अनलाॅक व्यवस्था के दौरान पूरे अनुशासन के साथ रहना ज़रूरी है। उन्होंने कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार सतर्कता बरतने पर बल दिया है। योगी ने यह भी निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराते हुए इन इकाइयों में रोजगार की ज़रुरत का आकलन किया जाए। टीम-11 के साथ बैठक में यह जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत प्रदेश में 57 लाख 12 हजार श्रमिकों को कार्य मिला जो, मौजूदा समय में देश में सबसे ज़्यादा है।
मुख्यमंत्री ने टीम-11 के साथ अनलॉक की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड और नाॅन कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए हर स्तर पर संवाद आवश्यक है। उन्होंने 11 जनपदों में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों के साथ भी नियमित संवाद कायम रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाए।
योगी ने निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित रोगियों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए एल-1, एल-2 अथवा एल-3 श्रेणी के अस्पताल में भर्ती किया जाए। जन स्वास्थ्य की नज़र से एनसीआर के जिलों में सतर्कता बरती जाए। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ तथा बुलन्दशहर जिलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन जनपदों में इलाज की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एनसीआर क्षेत्र के जिलों के कोविड अस्पतालों में बेड और चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस सम्बन्ध में बैक अप भी तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार मृत्यु दर को नियंत्रित करने में काफी मददगार है।





