नई दिल्ली। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक का टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 5% बढ़कर 319 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, एकमुश्त घटनाओं (जैसे चंडीगढ़ घटना और ट्रेजरी लॉस) के प्रभाव को हटा दें, तो बैंक का नॉर्मलाइज्ड पीएटी 746 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 145% की शानदार वृद्धि दशार्ता है।
बैंक के ग्राहक व्यवसाय में 18.6% की वृद्धि देखी गई, जो 5,74,731 करोड़ तक पहुँच गया। लोन और एडवांसेज 20% बढ़कर 2,90,278 करोड़ रहे, जिसमें होम लोन, वाहन लोन और बिजनेस बैंकिंग का अहम योगदान रहा। डिपॉजिट्स के मोर्चे पर बैंक ने 17.3% की सालाना वृद्धि दर्ज की, जबकि कासा (उअरअ) अनुपात 49.80% के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। बैंक का वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस भी 23% बढ़कर 57,000 करोड़ के पार निकल गया है।
बैंक की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.61% और नेट एनपीए 0.48% पर आ गया है। माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर की चुनौतियों के बावजूद बैंक ने प्रोविजंस (खराब लोन के लिए सुरक्षित राशि) को कम करने में सफलता पाई है। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा कि माइक्रो-फाइनेंस को छोड़कर हमारे सभी बिजनेस अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। एसेट क्वालिटी स्थिर है और प्रोविजंस पिछले दो साल के सबसे निचले स्तर पर हैं। वित्त वर्ष 2027 की शुरूआत डिपॉजिट्स के मामले में काफी मजबूत रही है, जिससे हमें भविष्य में बेहतर वृद्धि का भरोसा है।





