गेंहू, सरसों व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान
मुख्यमंत्री ने पीड़ित किसानों को 4-4 लाख की सहायता उपलब्ध कराने के दिये निर्देश
लखनऊ। कोरोना वायरस के संक्रमण काल के दौरान बेमौसम बरसात ने किसानों पर कहर बरपाया है। शनिवार से शुरू हुआ आंधी-पानी का दौर रविवार को भी देश और प्रदेश के कई प्रांतों में जारी रहा। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को ओलावृष्टि के साथ ही बारिश से खेतों में खड़ी गेहूूं की फसल चौपट हो गई।
वहीं, सब्जी की फसल को भी भारी बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। तराई के क्षेत्रों में गेहूं और सरसों की फसल बारिश के कारण ज्यादा बर्बाद हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश व अन्य क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारियों को कृषि विभाग के साथ मिलकर फसलों के नुकसान का आकलन करजे हुए किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली के कारण जनहानि में पीड़ित किसानों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।
किसानों को फसल की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। ज्यादातर किसानों की फसल या तो कटकर खेतों में पड़ी है, या तो खेत में खड़ी है। बेमौसम बारिश से पैदावार पर असर पड़ना तय है। रविवार को सुबह बदली के बाद तेज धूप निकली। लेकिन देर शाम गरज-चमक के साथ कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मौसम विभाग के मुताबिक देश के उत्तर पश्चिमी हिस्से के ऊपर केन्द्रित पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले 36 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों मे तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
मुरादाबाद में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। बारिश की वजह से किसानों को नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल अभी खेतों में ही पड़ी हुई है। बरेली, मुजफ्फनगर, अलीगढ़ व हरदोई में शनिवार को तेज बारिश हुई है। यहां 20 से 14 मिमी तक बारिश रिकार्ड की गई। इन जिलों में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट रही। किसानों का कहना है कि खेतो में खड़ी गेंहू की फसल के लिए आंधी, बारिश और ओला बेहद नुकसानदायक है। इस महीने दो दफा पहले भी ऐसी स्थिति उतपन्न होने से किसान परेशान है। सब्जी की खेती करने वाले किसान भी चिंतित हैं।
किसानों से कहा गया है कि गेहूं की हार्वेस्टिंग के लिए मौसम में सुधार का 24 घंटे इंतजार करें। कड़क धूप निकलते ही पूरी तरह से सूख चुकी गेहूं की फसल की कटाई करें। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में 24 अप्रैल तक करीब 88 प्रतिशत गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है। लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि जम्मू-काश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड के ऊपर केंद्रित पश्चिमी विक्षोभ को पूरब की ओर आगे बढ़ने से पुरबाई रोक रही है जिससे वह तीनों राज्यों के ऊपरी हिस्से में केंद्रित है।
इससे प्रदेश के बुंंदेलखण्ड के बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट के साथ-साथ पूर्वी यूपी के बलरामपुर, गोण्डा, बहराइच, कानपुर तथा फतेहपुर समेत आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाए चलने और ओलावृष्टि होने की खबर है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 36 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश के आसार हैं। इसके साथ-साथ कुछ जगहों पर ओले भी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने एवं बौछारें पड़ने का पूवार्नुमान भी जारी किया है। वहीं, दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका और कटवारिया सराय के आस-पास के इलाकों में बारिश हुई।
पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर, लक्ष्मी नगर और मयूर विहार इलाके में भी रिमझिम बारिश हुई। इसके साथ ही नोएडा गाजियाबाद और गुरुग्राम के भी कुछ इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक एनसीआर में अगले दो दिनों तक बादल छाए रहेंगे और बारिश हो सकती है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। रविवार को राजधानी लखनऊ को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।





