back to top

शिक्षक बनने की कठिन डगर

उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अब खटाई में पड़ती नजर आ रही है। लंबे समय से लटकी भर्ती प्रक्रिया को हाईकोर्ट ने करीब एक साल बाद पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन उसके बाद जिस तरह भर्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आयी है, उससे अब इस भर्ती प्रक्रिया को सिरे तक पहुंचाना कठिन हो गया है। इतने विवाद के बाद इस भर्ती को ज्यादा दिनों तक खींचने की बजाय अब रद्द किया जाना चाहिए और नये सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।

शिक्षा और प्रशिक्षण का माहौल जिस तेजी के साथ बदल रहा है, उसमें अब परम्परागत योग्यता वाले अभ्यर्थियों की उतनी जरूरत नहीं रह गयी है। कोरोना महामारी के बाद हमारे जीवन में सोशल डिस्टेसिंग एक अनिवार्य हिस्सा बन गयी है। ऐसे में अब परम्परागत विद्यालयीय शिक्षा से कहीं अधिक महत्व ऑनलाइन शिक्षा का हो गया है। अब विद्यालयों को ऐसे शिक्षकों की जरूरत है जो अपने विषय से संबंधित पर्याप्त ज्ञान तो रखते ही हों लेकिन साथ ही उनका तकनीकी ज्ञान भी उच्च स्तर का हो।

अगर शिक्षकों की भर्ती सरकार कुछ बेरोजगारों को नौकरी का तोहफा देने के लिए करना चाहती है, तो ठीक है। लेकिन अगर शिक्षकों की नियुक्ति का उद्देश्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना है तो ऐसी धांधलियों के बीच शिक्षकों के चयन का कोई फायदा नहीं होने वाला है। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और योग्य शिक्षक होने पर ही शिक्षा में सुधार हो सकता है।

जिस तरह से शिक्षको की भर्ती में आये दिन विवाद हो रहे हैं, तरह-तरह की योग्यताएं तय की जा रही हैं, शिक्षा मित्रों का पेंच अलग से फंसा हुआ है, कई बार अदालतों से स्थगन आदेश आ चुका है, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रो के लिए पद रिक्त रखने का आदेश दिया है और उत्तर प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर धांधली के सुबूत मिलने पर एसटीएफ से जांच करा रही है, उसके बाद भी इस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना ठीक नहीं लगता।

वैसे भी जब यह भर्ती प्रक्रिया शुरू की गयी थी तब और आज की स्थितियों में बहुत अंतर आ चुका है। अब तो हालत यह है कि स्कूल कब खुलेंगे, इसकाअंदाज भी किसी को नहीं है। ऐसे में स्कूलों में परम्परागत ज्ञान और डिग्रियों के बजाय जिन शिक्षकों की नियुक्ति हो, उन्हें अपने विषय का ही नहीं, प्रौद्योगिकी के प्रयोग में भी दक्ष और पारंगत होना चाहिए।

बेहतर तो यह होगा कि शिक्षकों की भर्ती पहले विशुद्ध प्रतियोगिता के आधार पर हो जिसमें बिना किसी वेटेज और वरीयता के खुली प्रतियोगिता से अभ्यर्थियों का चयन हो और उसके बाद उन्हें पाठ्य विषय के साथ प्रौद्योगिकी में एक साल तक विधिवत प्रशिक्षण दिया जाये। जब पूरी तरह से अभ्यर्थी परम्परागत व ऑललाइन शिक्षण के साथ प्रौद्योगिकी के प्रयोग में दक्ष हो जायें, तब उन्हें शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाये।

आज स्कूलों, कॉलेजों की डिग्रियों और उद्योग जगत की वास्तविक जरूरतों में बड़ा गैप बन गया है। यही कारण है बहुत सी कंपनियां गे्रजुएट्स की भर्ती के बजाय इंटर पास की भर्ती कर दो साल की टेÑनिंग देकर नियुक्तियां देती हैं। आज अध्ययन, अध्यापन एवं शिक्षा के परिदृश्य में बहुत बदलाव आया है और इसलिए गुणवत्तापरक शिक्षा का तकाजा है कि शिक्षक आधुनिक ज्ञान-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में पूरी तरह दक्ष हों।

RELATED ARTICLES

अक्षय तृतीया आज, तीन शुभ योग में होगी मां लक्ष्मी की पूजा

लखनऊ। वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया को परम पवित्र माना जाता है क्योंकि इस दिन किसी मुहूर्त...

सुख-समृद्धि का प्रतीक परशुराम जयंती आज

लखनऊ। परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान...

श्रद्धा पूर्वक मनाया गया गुरु अंगद देव जी का प्रकाश पर्व

लखनऊ। शनिवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। इसी क्रम में गुरुद्वारा...

अक्षय तृतीया आज, तीन शुभ योग में होगी मां लक्ष्मी की पूजा

लखनऊ। वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया को परम पवित्र माना जाता है क्योंकि इस दिन किसी मुहूर्त...

सुख-समृद्धि का प्रतीक परशुराम जयंती आज

लखनऊ। परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान...

श्रद्धा पूर्वक मनाया गया गुरु अंगद देव जी का प्रकाश पर्व

लखनऊ। शनिवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। इसी क्रम में गुरुद्वारा...

फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ को प्रमोट करने शहर पहुंचे कलाकार

कलाकारों ने अपने किरदार को लेकर बात कीलखनऊ। आगामी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के प्रमोशन का रंग अब पूरे शबाब पर है।...

शास्त्रीय संगीत के विविध रूपों से रूबरू हुए छात्र

भातखण्डे में चार दिवसीय गायन कार्यशाला का समापनलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की पावन स्मृति में स्थापित पीठ के...

गायन प्रतियोगिता में आंचल वर्मा को मिला प्रथम स्थान

भातखण्डे में भाषण, गायन एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजनलखनऊ। जनभवन, उत्तर प्रदेश के निदेर्शों के अनुपालन में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा महिला...