आॅडियंस से बहुत प्यार मिल रहा है
लखनऊ। एक्ट्रेस उर्वशी उपाध्याय, जो पॉपुलर शो मंगल लक्ष्मी में कुसुम का रोल कर रही हैं और जिन्हें आॅडियंस से बहुत प्यार मिल रहा है, ने हाल ही में अपनी इंस्पायरिंग फिटनेस और मेंटल हेल्थ जर्नी के बारे में बात की. ट्रांसफॉर्मेशन पर अपने विचार शेयर करते हुए, उर्वशी ने इस बात पर जोर दिया कि असली बदलाव अंदर से शुरू होता है और मेंटल वेल-बीइंग भी फिजिकल फिटनेस जितना ही जरूरी रोल निभाती है। हेल्दी माइंडसेट की इंपॉर्टेंस के बारे में बात करते हुए, उर्वशी ने कहा, मेंटल हेल्थ बहुत, बहुत जरूरी है। संस्कृत में एक कहावत है — यद भावो तद् भवति, मतलब आप जैसा सोचते हो, वैसे ही बनते जाते हो। उन्होंने आगे बताया कि पॉजिटिविटी का मतलब प्रॉब्लम को इग्नोर करना नहीं है. पॉजिटिव रहने का मतलब यह है कि जब मुश्किलें आएं या कोई परेशानी आए, तो उसमें टूट न जाना, हार मान कर बैठ न जाना और अपना रास्ता न बदल लेना। रोजमर्रा की जिÞंदगी से उदाहरण देते हुए, उन्होंने बताया कि हर बदलाव एक प्रोसेस है। चाहे वह कच्चे सामान से खाना बनाना हो या किसी बीज को फूल बनते देखना हो, अच्छे बदलाव के लिए समय, सब्र और लगातार कोशिश की जरूरत होती है। उनके अनुसार, वजन बढ़ना और वजन कम होना भी धीरे-धीरे होने वाले बदलाव हैं जो जिÞंदगी के अनुभवों, हेल्थ कंडीशन, इमोशनल चुनौतियों और निजी हालात से बनते हैं। फिटनेस के बारे में बताते हुए, उर्वशी ने कहा, आपकी बॉडी को आपकी ताकत, काबिलियत और एनर्जी सब याद है. बस उसे दोबारा याद दिलाने की जरूरत है। उनका मानना है कि अपनी अंदर की ताकत से दोबारा जुड़ना ही पटरी पर वापस आने का तरीका है। एक्ट्रेस ने पर्सनल लक्ष्यों और पारिवारिक जिÞंदगी के बीच बैलेंस बनाने की अहमियत पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि बदलाव से इंसान ज्यादा सेहतमंद और खुश होना चाहिए, न कि चिड़चिड़ा या अपनों से कटा हुआ , उन्होंने कहा, आप जो भी कर रहे हों, सबसे पहले अपने लिए कर रहे हों, और यह भी कहा कि हेल्दी रहने से परिवार का भी बेहतर ख्याल रखा जा सकता है। अपनी फिलॉसफी को बताते हुए, उर्वशी ने एक दमदार मैसेज शेयर किया। इस पूरी बॉडी और माइंड की जर्नी में गिरना, रुकना और कभी-कभी थक जाना नॉर्मल है। उनके शब्द याद दिलाते हैं कि मुश्किलें भी ग्रोथ का हिस्सा हैं, और हर सफल बदलाव एक पॉजिटिव और मजबूत दिमाग से शुरू होता है।





