नई दिल्ली। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित महापंचायत में शामिल होने जा रहे किसानों को मंगलवार को हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं पर कई जगहों पर रोक दिया गया। शंभू बॉर्डर को सील कर दिया गया, जबकि बहादुरगढ़ में किसानों की बसों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। कैथल में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर बैरिकेडिंग के चलते करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। प्रशासन ने इसे एहतियाती कदम बताया है, वहीं किसान संगठनों ने इसे शांतिपूर्ण विरोध में बाधा करार दिया है।
बहादुरगढ़ में बसें रोकीं, किसानों ने की नारेबाजी
बहादुरगढ़ में यूईआर-2 पर पंजाब से दिल्ली जा रही किसानों की पांच बसों को रोक दिया गया। किसानों का कहना है कि वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसान घाट पर पहले से तय एक दिवसीय धरने में शामिल होने जा रहे थे।उनके मुताबिक, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कार्यक्रम तय था, लेकिन रास्ते में ही रोक दिया गया। बसें रोके जाने के बाद किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शंभू बॉर्डर सील, भारी पुलिस बल तैनात
महापंचायत को देखते हुए पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बैरिकेड्स और सीमेंट के अवरोधक लगाकर सीमा सील कर दी गई, जिससे नेशनल हाईवे और चंडीगढ़-राजपुरा मार्ग पर लंबा जाम लग गया। फतेहगढ़ साहिब से निकले किसानों के काफिले को भी आगे बढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसान नेताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के सीमा सील कर दी गई और कुछ बैरिकेड पंजाब की सीमा के भीतर लगाए गए हैं।
किसान नेताओं का आरोप, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग दोहराई।वहीं, भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के प्रवक्ता तेजवीर सिंह ने कहा कि इस कार्रवाई से आम लोगों को भी परेशानी हो रही है।

एक्सप्रेसवे पर 15 किमी जाम, आम लोग परेशान
कैथल के बरटा गांव के पास दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर बैरिकेडिंग और सघन जांच के चलते भारी जाम लग गया। बसें, निजी वाहन और ट्रक घंटों तक फंसे रहे।वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ने से यात्रियों को काफी देरी का सामना करना पड़ा।
कई जगह हिरासत, सुरक्षा के नाम पर सख्ती
कुरुक्षेत्र समेत हरियाणा के कुछ इलाकों में किसानों को हिरासत में लेने की खबरें भी सामने आई हैं। इससे पहले किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी दिल्ली जाते समय हिरासत में लिया गया था।प्रशासन का कहना है कि ये सभी कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन उठाए गए हैं। वहीं, किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर इसी तरह रोका गया तो आंदोलन की अगली रणनीति जल्द तय की जाएगी।





