लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को निर्देश दिये कि प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने पर ठोस रणनीति बनाकर कार्य को अंजाम दिया जाये। कहा कि श्रमिकों/कामगारों की सुरक्षित वापसी के साथ ही लेबर रिफार्म कानून के जरिये गांवों व कस्बों में ही लगभग 20 लाख नौकरियां/रोजगार देने की योजना बनायी जाये। यूपी में अब तक आठ लाख श्रमिक वापस आ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वृहद कार्ययोजना बनाई जाये। गौरतलब है कि यूपी में श्रम कानूनों संबंधी अध्यादेश के जरिये मजदूरों की मजदूरी दर तय करते हुए उन्हें दोबारा रोजगार देने की पहल की जा चुकी है।
दूसरी ओर, उद्योगों को तीन साल के लिए श्रम कानूनों से छूट देने पर कांग्रेस तथा सपा नेताओं के आरोपों का जवाब देते हुए श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और सपा ही श्रमिकों के बसे बड़े दुश्मन हैं क्योंकि वे उन श्रमिकों का विरोध कर रहे हैं, जिनक लिए निवेश के माध्यम से रोजगार तलाशने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का बयान यह दशार्ता है कि वे श्रमिकों के सबसे बड़े दुश्मन हैं क्योंकि जो श्रम अधिनियमों में संशोधन अध्यादेश आया है, वो इसीलिए आया है कि मुख्यमंत्री ने अन्य प्रदेशों में रह रहे सभी उन प्रवासी मजदूरों को उत्तर प्रदेश में लाने का निर्णय लिया जो बेरोजगार हो गये हैं।
उत्तर प्रदेश में ही इन श्रमिकों को सेवा में नियोजित किया जायेगा। जो जिस योग्य कामगार है, उसे उसके लायक काम यहीं पर दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। सरकार लॉकडाउन के चलते बंद उद्योग कारखानों में पुन: समायोजित करने के लिए अवसर प्रदान करने जा रही है।





