एसएनए के संत गाडगे प्रेक्षागृह में हुआ आयोजन
लखनऊ। लखनऊ घराने के महागुरु पदम विभूषण पंडित बिरजू महाराज एवं पंडित रामनारायण के परम शिष्य तथा लखनऊ घराने के कथक को अंतराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने वाले कथक गुरु, कलाकार तथा कोरियोग्राफर स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्रा की पुण्यतिथि पर सोमवार को संगीत नाट्य अकादमी के सन्त गाडगे आॅडिटोरियम, गोमती नगर लखनऊ सायं 6 बजे बहुत ही व्रत रूप से मनाई गयी, जिसमे प्रांतीय कथक कलाकारों के साथ दिल्ली और बनारस के कलाकारों ने भी भाग लिया। जिसमे अनुज अर्जुन मिश्रा डांस कंपनी के वर्तमान गुरु स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्रा की सुपुत्र एवं शिष्य पंडित अनुज मिश्रा की शिष्य एवं शिष्याओं ने कथक नृत्य की विविध संरचना की प्रस्तुति दी।

इसके अंतर्गत अयोध्या मथुरा काशी इस कॉन्सेप्ट पर कथक के स्वरूप में प्रस्तुति दी गयी। तीनों जगह का शास्त्रीय संगीत में अपना उच्चा एक मुकाम है। इसी को दशार्ते हुए भगवान शिव और शक्ति के अलग-अलग स्वरूपों को दर्शाया। जिसमे राग जोग के निमित एक भजन है कर्पूरगोरम और पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित अर्धाग्न भस्म भभूत सोहे को दिखाया। जिसमे पंडित अनुज अर्जुन मिश्रा एवं उनकी अर्धाग्नि नेहा सिंह मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इसके उपरांत भगवान शिव शिव-द्रुपद के रौद्र रूप तांडव की प्रस्तुति की गयी। तथा अंत में छोटे छोटे बच्चों का प्रोग्राम हुआ जिनमे वे बच्चे जय जय गिरिवर, श्री राम चंद्र और तराना की प्रस्तुति की गयी। जिसमें प्रतिष्ठा, यशस्वी, किमाया, ज्ञानवि, एंजेल, रिद्धिमा, पर्णिका, हर्षाली, अंश, शिया, अर्धया, शनाया है।
इसके बाद सीनियर बच्चो की परफॉर्मेंस हुई जो शिव वंदना, दुर्पद, राम चंद्र की प्रस्तुति कथक के रूप में की। जिसमें प्रीतम दास, अनामिका, शिवेंद्र, विवेक, मैत्री, प्रेरणा, रुद्राक्षी, सिद्धि, वर्तिका, अनुपम, प्रगति, स्वाति, और तबला वादक के रूप मे ऐश्वर्या पांडे, वोकल आर्टिस सारंगी के रूप मे आरिफ खान, जीसान अब्बास, फ्लूट आर्टिस्ट दीपेंद्र लाल कुंवर तथा इसके बाद गेस्ट आर्टिस्ट चज रवीनाथ मिश्रा और उनके शिष्य अराध्य रहे, जो काशी के ही रहने वाले हैं जिनका एक डुएट तबला परफॉर्मेंस प्रस्तुत किया। उसके उपरांत गोरखपुर के उत्तम कलाकार राजीव मालिक एवं उनके शिष्य गौरव मिश्रा तबला वादक, यशराज मिश्रा और पूर्वी मिश्रा जो शास्त्री संगीत का वादन किया। इसके बाद अयोध्या और श्री राम को दर्शाते हुए राम जन्म, राम विवाह तथा भगवान राम का अयोध्या आगमन की प्रस्तुति दी गयी। और उसके बाद दिल्ली के गेस्ट आर्टिस्ट गुरु प्रदिप्तो चक्रवर्ती तथा उनकी शिष्या ऋतु गुप्ता जी एक कथक प्रस्तुति और होगी। इसके बाद भगवान कृष्ण की अनेक लिलाओ, कृष्ण बाल स्वरोपों को कथक के माध्यम से प्रस्तुति दी जाएगी। तथा अंत में तीन ताल, तराना प्रस्तुत किया गया।





