-सिद्धार्थ नाथ सिंह ने थाईलैण्ड के पूर्व उप प्रधानमंत्री मार्क दब्बरंसी से किया संवाद
-अक्टूबर में थाईलैण्ड का एक प्रतिनिधि मंडल यूपी के भ्रमण के लिए आयेगा
-ओडीओपी योजना की भांति थाईलैण्ड में ओटीओपी कार्यक्रम
लखनऊ। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत सहगल राज्य में अधिकाधिक निवेश लाने और प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई देशों के राजदूतों एवं उद्यमियों के साथ लगातार संवाद स्थापित कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज उन्होंने थाईलैण्ड के पूर्व उप प्रधानमंत्री मार्क दब्बरंसी से वीडियों काफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ कर यूपी में निवेश की अपार सम्भावनाओं से अवगत कराते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया।
दब्बरंसी ने सिंह के आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि निवेश की संभावनाओं को तलाशने आगामी अक्टूबर माह में थाईलैण्ड से उद्यमियों का एक प्रतिनिधि मंडल यूपी के भ्रमण के लिए भेजा जायेगा। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक और निवेश नीति में विशेष रूचि दिखाते हुए कहा कि यूपी के एमएसएमई सेक्टर में निवेश असीम की सम्भावनाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए ओडीओपी योजना संचालित है, उसी प्रकार थाईलैण्ड में भी ओटीओपी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और थाईलैण्ड के एमएसएमई यदि आपस में टेक्नालॉजी साझा करेंगे, तो यूपी और थाईलैण्ड दोनों के एमएसएमई लाभान्वित होंगे। साथ ही हथकरघा उत्पादों के आयात और निर्यात को बढ़ावा भी मिलेगा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग कल्स्टर बनाने की बात कही। सिंह ने दब्बरंसी को उत्तर प्रदेश की खूबियों से अवगत कराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध। यहां से एमएसएमई उत्पादों का बड़ी संख्या में निर्यात होता है। उन्होंने व्यापार को बढ़ाने के लिए प्रदेश में स्थापित होने वाले जेवर एअरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे आदि के बारे में उन्हें विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित उद्योग को पुर्नजीवित करने के लिए श्रम कानूनों को शिथिल किया है। साथ ही नये उद्योग लगाने के लिए कई नियमों में ढील दी है।
प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत सहगल ने दब्बरंसी को अवगत कराया कि यूपी में लगभग 90 लाख एमएसएमई है। सरकार के पास उद्यम स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि है। कुशल मानव संसाधन के साथ-साथ औद्योगिक माहौल भी उद्यमियों के अनुकूल है। उन्होंने दब्बरंसी की एक जिज्ञासा का समाधान करते हुए कहा कि यूपी में उद्यम स्थापना के लिए 90 वर्ष तक लीज पर भूमि देने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त फ्री-होल्ड भूमि भी उद्यमियों उपलब्ध कराने का प्राविधान है।





