लखनऊ। उत्तराखण्ड महापरिषद, लखनऊ ने कल 16 जुलाई को होने वाला उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर समस्त उत्तराखण्डवासियों एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। हरेला पर्व उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक माना जाता है। महापरिषद के अध्यक्ष हरीश चन्द्र पंत, संयोजक दीवान सिंह अधिकारी तथा महासचिव भारत सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और जिम्मेदारी का संदेश भी है। उन्होंने कहा कि हरेला पर वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। महासचिव भरत सिंह बिष्ट ने कहा कि कल हरेला पर्व उत्तराखण्ड समाज , लखनऊ में बड़े उत्साह, उल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड समाज के लोग, युवा एवं मातृशक्ति सहभागिता करेंगे। महापरिषद ने सभी नागरिकों से हरेला पर्व पर एक व्यक्ति-एक पौधा लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि हरियाली, स्वच्छ पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचे। हरेला पर्व उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी सशक्त जनआंदोलन बनकर उभरे, यही इस पर्व का मूल उद्देश्य है।





