प्रतापगढ़ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साध रही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को घेरते हुए मंगलवार को कहा कि सनातन आस्था पर प्रहार कर रहे इन दोनों दलों की वक्फ के मुद्दे पर खामोशी को देखकर तो गिरगिट भी शरमा रहा होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ जिले के सदर और विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में सपा और कांग्रेस की तीखी आलोचना करते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाये। आदित्यनाथ ने अयोध्या के कथित चंदा चोरी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग (सपा और कांग्रेस) एक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करके हिंदुओं को अपमानित करने और आस्था पर प्रहार करने का काम कर रहे हैं, लेकिन अब यह देश कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के चंगुल में नहीं फंसने वाला है।
उन्होंने कहा,मैं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि अयोध्या में जिस कथित चोरी को लेकर आप हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, वक्फ के नाम पर प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई….क्या उस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक बार भी बोली? उन्होंने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्वाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर फेविकोल क्यों लग जाता है।
आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए? उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा,मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है।
उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, जहां पर वे बाबरी का गुलामी का ढांचा (स्पष्ट रूप से मुगल शासन के संदर्भ में)देखना चाहते थे, आज आप सबके पुरुषार्थ से वहां भगवान राम का दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर खड़ा है, यही समाजवादी पार्टी की पीड़ा है। मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने इन तमाम दलों के दलदल को देखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा करने वाले लोग राज्य का विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अपना सिर उठाते दिखायी दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा,विपक्ष फिर से जाति के आधार पर समाज के ताने-बाने को बांटना चाहता है, छिन्न-भिन्न करना चाहता है। हमें इससे ऊपर उठना पड़ेगा। हमें इससे आगे बढ़ना होगा। आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता माफिया राज पर विश्वास करने की थी और उसके शासन में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती थी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दी है लेकिन 2017 से पहले यह एक सपना था क्योंकि तब नौजवानों की नौकरी पर सैफई घराना डाका डालकर उसकी नीलामी करता था। प्रतापगढ़ के आंवला उद्योग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नौ-दस वर्ष पहले प्रतापगढ की गिनती पिछड़े जनपदों में होती थी और यहां का आंवला उद्योग दम तोड रहा था, लेकिन आज सरकार की एक जिला, एक उत्पाद योजना से इस उद्योग को प्रोत्साहन मिला है और एक बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।





