पारस धाम में जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब
लखनऊ। पारसनाथ धाम, अमेठिया काकोरी में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव’ के तीसरे दिन शुक्रवार को ‘जन्मकल्याणक महोत्सव’ अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। तीर्थंकर बालक भगवान ऋषभदेव के जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर समूचा परिसर ‘जयकारा आदिनाथ का’ और ‘णमो अरिहंताणं’ के दिव्य जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।
भव्य शोभायात्रा और ऐरावत हाथी पर जन्माभिषेक प्रात:काल भगवान के जन्माभिषेक के बाद एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। इस भव्य जुलूस में हाथी, घोड़े और बग्घियां शामिल थीं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। महोत्सव के मुख्य पात्र सौधर्म इंद्र विशाल जैन एवं मेघा जैन ने तीर्थंकर बालक को ‘ऐरावत हाथी’ पर अत्यंत श्रद्धाभाव से विराजमान किया।
इसके बाद भव्य जुलूस निवार्णा लॉन स्थित पांडुक शिला पर पहुँचा, जहाँ भगवान का 1008 कलशों से महा-जन्माभिषेक विधि-विधान से संपन्न कराया गया। इस दिव्य अनुष्ठान में कुबेर इंद्र रोहित जैन व श्वेता जैन, महायज्ञनायक पी.के. जैन सहित सभी उपस्थित इंद्रों ने सौधर्म इंद्र के साथ पांडुक शिला पर अभिषेक कर परम पुण्य का अर्जन किया।
आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज से जाना कुशल-क्षेम
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के दर्शन किए और ‘भारतगौरव, दिव्यशक्ति, गणिनी प्रमुख आर्यिका रत्न श्री 108 ज्ञानमती माताजी’ की ओर से भावभीना ‘नमोस्तु’ निवेदित किया। इस अवसर पर आचार्य श्री ने माताजी को आदरपूर्वक ‘अम्मा’ संबोधित करते हुए उनकी कुशल-क्षेम पूछी। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्य संयोजक बृजेश जैन ‘बंटी’, संजीव जैन, संदीप जैन, स्वागताध्यक्ष आदिश जैन, कोषाध्यक्ष रितेश जैन, विशाल जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, शुभचंद जैन तथा जागेश जैन मौजूद रहे।





