देवरिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर में प्राप्त दानराशि के कथित गबन के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद आरोपियों के खिलाफ कार्वाई शुरू कर दी गई, और इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
योगी प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर और बरहज विधानसभा क्षेत्रों की 456 करोड़ रुपये की लागत की 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा, मैने 19 जून को अयोध्या में कहा था कि अयोध्या हम सभी की आस्था एवं सनातन धर्म का प्रतीक है। अयोध्या पर बुरी नजर डालने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखो। अयोध्या के बारे में जो कतिपय समाचार मिल रहे थे, हमने कहा कि जो एसआईटी गठित की गई है, एसआईटी की रिपोर्ट आने के साथ ही हमारी कार्वाई भी शुरू की जाएगी।
आपने देखा कि रिपोर्ट आई और तुरंत कार्वाई शुरू हो गई। रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को अयोध्या दान राशि के कथित गबन के मामले की जांच के लिए लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने जांच के बाद 23 जून को अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन सरकार को सौंप दिया।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से बृहस्पतिवार को आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सभी नामजद आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। योगी ने कहा, मैं आश्वस्त करता हूं कि जैसा मैने कहा था, हम दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं होगा, जो भी खिलवाड़ करेगा वह उसका भुक्तभोगी होगा।
किसी को छूट नहीं दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और खासतौर से कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, आप सबको, प्रदेशवासियों, सभी रामभक्तों से अपील करना चाहूंगा कि जो लोग आक्षेप करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इनकी मंशा अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा, ये वे लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे। भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर चुके थे। एक पक्ष कहता था कि राम हुए ही नहीं यानी अयोध्या को भी नकारना चाहते थे।
लगातार न्यायालय में मुकदमा लड़ते रहे और वकीलों की फौज राम जन्मभूमि आंदोलन एवं राम मंदिर के खिलाफ खड़ी करते रहे। समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना योगी ने कहा,दूसरा पक्ष वह है जो जय श्रीराम पर लाठी और गोली चलाते थे। भगवान राम का नाम लेने के बाद जो गोली और लाठी चलवाते थे वे कहते हैं आज आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अब तुम बताओगे हमें आस्था क्या होती है।
उन्होंने कहा, जो राम नवमी पर दंगा करवाते, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को प्रतिबंधित करते और कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा में दंगा करवाते थे। लार का दंगा सबको याद है, इनके काले कारनामों का चिटÞठा जब खुलता है तो ये कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। योगी ने कहा, याद करिए कांग्रेस ने बेईमानी और भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए थे, वे आज अयोध्या पर आक्षेप लगा रहे हैं। ये स्वीकार नहीं है, सरकार ने पहले दिन कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी सबके सामने आएगाा।





