अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अयोध्या के वकीलों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि वे इस मामले में किसी भी आरोपी की पैरवी नहीं करेंगे। फैजाबाद बार एसोसिएशन में सोमवार को आयोजित बैठक में यह अहम फैसला लिया गया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि कोई भी स्थानीय अधिवक्ता चढ़ावा चोरी प्रकरण के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। इस फैसले के बाद आरोपियों के लिए कानूनी लड़ाई और मुश्किल हो सकती है।
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जो फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां इनसे लगातार पूछताछ कर रही हैं। साथ ही उनके घरों और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई जारी है, जहां से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों की जीवनशैली में अचानक बड़ा बदलाव आया था। जिन परिवारों को पहले आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, वे अब आलीशान मकानों, फार्महाउस और महंगी गाड़ियों के मालिक बन गए थे। यही असामान्य बदलाव जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग बना।
मुख्य आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे, सुभाष श्रीवास्तव, मनीष यादव और अविनाश शुक्ला। ये सभी मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए थे।
जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने के लिए वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों की गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





