back to top

भवानीपुर सीट: धुरंधर प्रतिद्वंद्वियों के नहीं होने के कारण ममता बनर्जी की राह है आसान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत से नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ एक सशक्त चेहरे के रूप में उभरने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब भवानीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में उतर रही हैं जहां प्रतिद्वंद्वियों से उन्हें किसी कड़े मुकाबले की उम्मीद नहीं है। इस साल राज्य विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से चुनाव लड़ने वाली बनर्जी को प्रचार के दौरान पैर में चोट लग गई थी और उन्होंने खुद को घायल शेरनी बताया था। हालांकि इस सीट पर उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। भवानीपुर सीट पर इस बार बनर्जी के खिलाफ भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के श्रीजीब विश्वास उम्मीदवार होंगे। टिबरेवाल ने एंटाली से विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गई थी। विश्वास अभी राजनीति में नौसिखिए है।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा के लिए भवानीपुर की लड़ाई सीट जीतने के बजाय अपना 35 फीसदी मत प्रतिशत बचाए रखना है। बनर्जी के लिए यह मौका न केवल नंदीग्राम में हुई अपनी हार का बदला लेने का है बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में उनकी बड़ी महत्वाकांक्षा से भी जुड़ा है। कांग्रेस ने शुरुआती हिचकिचाहट के बाद बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने और प्रचार से दूर रहने का फैसला किया। बनर्जी ने 2011 और 2016 के विधानसभा चुनाव में दो बार भवानीपुर सीट से जीत दर्ज की थीं लेकिन इस साल के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

 

मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने के लिए संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप बनर्जी को पांच नवंबर तक राज्य विधानसभा में एक सीट जीतना आवश्यक है। संविधान किसी राज्य विधायिका या संसद के गैर-सदस्य को केवल छह महीने के लिए चुने बिना मंत्री पद पर बने रहने की अनुमति देता है। नंदीग्राम में बनर्जी की हार के बाद, राज्य के कैबिनेट मंत्री और भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस विधायक सोवनदेव चट्टोपाध्याय ने अपनी सीट खाली कर दी थी ताकि इस सीट से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ सके। राज्य के वरिष्ठ मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने पीटीआई-भाषा को बताया, हमारे लिए जीत कोई मुद्दा नहीं है। ममता बनर्जी इस सीट से जीतेंगी, यह पहले से तय है, यह बात विपक्षी दल भी जानते हैं। हमारा लक्ष्य रिकॉर्ड अंतर से जीत सुनिश्चित करना है। लोगों ने नंदीग्राम में रची गई साजिश का बदला लेने के लिए रिकॉर्ड अंतर से बनर्जी को इस सीट पर जिताने का फैसला किया है।

 

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ज्यादातर वरिष्ठ नेता ममता बनर्जी के खिलाफ, और वह भी भवानीपुर से उपचुनाव लड़ने को तैयार नहीं थे। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा मत प्रतिशत बरकरार रहे या उसमें वृद्धि हो। वैसे टिबरेवाल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त दिखती हैं और उन्होंने चुनाव के बाद की हिंसा को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया है। टिबरेवाल ने कहा, ममता बनर्जी यह चुनाव मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए लड़ रही हैं। मेरा काम निर्वाचन क्षेत्र के लोगों तक पहुंचना और उन्हें विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी कार्यकर्ताओं पर उनकी पार्टी द्वारा किए गए अत्याचारों, यातनाओं और हिंसा के बारे में सूचित करना होगा। मुझे विश्वास है कि भवानीपुर के लोग मुझे वोट देंगे और उन्हें हरा देंगे। वाम मोर्चा के उम्मीदवार श्रीजीब विश्वास ने कहा कि बनर्जी के नेतृत्व में विकास की कथित कमी उपचुनाव में एक प्रमुख मुद्दा होगा। उन्होंने कहा, हमारी लड़ाई तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ है। हम इस बात पर जोर देंगे कि पिछले 10 वर्षों में राज्य में कोई विकास नहीं हुआ है। भवानीपुर सीट पर 30 सितंबर को उपचुनाव होगा।

RELATED ARTICLES

प्रियंका गांधी बोलीं- संघीय ढांचे को बदलने की साजिश था विधेयक, संविधान और विपक्षी एकजुटता की जीत हुई

नयी दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने का हवाला देते...

क्या होने वाला है कोई बड़ा ऐलान?….पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि पीएम मोदी किस विषय पर संबोधित करेंगे, इस बारें में...

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, यात्रा तैयारियों का सीएम धामी ने किया स्थलीय निरीक्षण

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा के लिए 22 अप्रैल को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ...

अक्षय तृतीया आज, तीन शुभ योग में होगी मां लक्ष्मी की पूजा

लखनऊ। वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया को परम पवित्र माना जाता है क्योंकि इस दिन किसी मुहूर्त...

सुख-समृद्धि का प्रतीक परशुराम जयंती आज

लखनऊ। परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान...

श्रद्धा पूर्वक मनाया गया गुरु अंगद देव जी का प्रकाश पर्व

लखनऊ। शनिवार को शहर के सभी गुरुद्वारों में गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। इसी क्रम में गुरुद्वारा...

फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ को प्रमोट करने शहर पहुंचे कलाकार

कलाकारों ने अपने किरदार को लेकर बात कीलखनऊ। आगामी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म गिन्नी वेड्स सनी 2 के प्रमोशन का रंग अब पूरे शबाब पर है।...

शास्त्रीय संगीत के विविध रूपों से रूबरू हुए छात्र

भातखण्डे में चार दिवसीय गायन कार्यशाला का समापनलखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की पावन स्मृति में स्थापित पीठ के...

गायन प्रतियोगिता में आंचल वर्मा को मिला प्रथम स्थान

भातखण्डे में भाषण, गायन एवं कहानी लेखन प्रतियोगिता का आयोजनलखनऊ। जनभवन, उत्तर प्रदेश के निदेर्शों के अनुपालन में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा महिला...