लखनऊ। मुस्लिम समुदाय के प्रमुख त्योहारों में से एक ईद-उल-अजहा यानि बकरीद 28 मई को धूमधाम से मनाया जायेगा। ईद-उल-अजहा पर राजधानी के बाजारों में आज खूब रौनक रही। बाजारों में बकरीद की रौनक देर रात तक छाई रही। अमीनाबाद, मौलवीगंज व नक्खास में लोगों ने खूब खरीदारी की। यहां पर महिलाओं की टोलियां चूड़ियां, कंगन व कपड़ों से लेकर अन्य सामानों की खरीदारी करती दिखीं। वहीं मेहमाननवाजी को लेकर तैयारियां आज भी जारी रहीं। उधर, कुर्बानी के लिए बकरा मंडी पर खरीदारों की भीड़ उमड़ती रही। खानपान का स्वाद लेने वाले भी देर रात तक बकरीद की रौनक का लुत्फ लेते रहे। बकरीद की तैयारियों को लेकर नक्खास और अकबरी गेट करीब-करीब पूरी रात खुला रहा जहां चूड़ी कंगन व कपड़ों के साथ नमाज के लिए कुर्ता टोपी की खरीदारी होती रही। चौक की गलियां देर रात तक रोशन रहीं। वहीं खदरा में भी पूरी रात दुकानों में खरीदारी हुई। शहर की ईदगाह व मस्जिदों में ईद.उल.अजहा की नमाज शनिवार को अदा की जाएगी। इसे देखते हुए ईदगाह और मस्जिद कमेटियों ने खास तैयारी की है। नमाज के लिए इबादतगारों की बड़ी संख्या को देखते हुए साफ सफाई, चटाई व दरी का इंतजाम किया गया है। ईद.उल.अजहा की नमाज सबसे पहले मस्जिद सिद्दीकिया हाता बेगम खां और मस्जिद सारिया हाता सूरत सिंह में सुबह 6 बजे अदा की जाएगी। वहीं ऐशबाग ईदगाह में नमाज सुबह 10 बजे और टीले वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे ईद.उल.अजहा की नमाज होगी।
घरेलु सामानों की हुई खरीदारी:
कोई रेडीमेड कपड़े खरीद रहा है तो कोई खजूर। कोई सिवंई ले रहा है तो कोई घर की सज्जा के लिए चादर या पर्दे। हर ओर बकरीद की तैयारियां देखने को मिल रही हैं। कुछ ऐसा माहौल देखने को मिला नक्खास बाजार में। बकरीद पर शहर के बाजारों में खास रौनक देखने को मिली। बकरीद के अवसर पर सिवई, खजूर, कपड़े, चप्पल-जूते व बकरा मंडी में खरीदारों की भीड़ लगी रही।
कुर्ता पायजामा और पठानी शूट का जलवा:
दुकानों पर लेडीज चिकन कुर्ते व शलवार सूट और जेन्टस कुर्ते-पायजामों, पठानी सूट, स्कार्फ बड़े रूमाल जैसी चीजों की खूब खरीदारी हुई। अकबरी गेट, नक्खास और अमीनाबाद में चिकन के कपड़ों के साथ-साथ रेडीमेड जीन्स, टीशर्ट व बच्चों के कई प्रकार के कपड़ों की दुकाने सजी हैं जो ग्रहाकों को अपनी ओर खींच रहीं थी। बकरीद के लिए विभिन्न प्रकार के इत्र भी बाजार में हैं। अमीनाबाद, नजीराबाद व चौक में इत्र की दुकान पर हिना, शमामा, संगे असवत, अल हबीब, सेहरा, महफिल, खुशनुमा और जन्नतुल फिरदौस के अलावा अकबरी गेट पर जन्नत-उल-फिरदौस, अलसूद, अटर शमामा, हिना तीन और तरह-तरह के परफ्यूम मौजूद है।
आटीर्फीशियल ज्वैलरी की मांग:
अमीनाबाद, गड़बड़झाला, नक्खास व चौक में आटीर्फीशियल ज्वैलरी की दुकानों पर एक से बढकर एक डिजाइने हैं जिसे खरीदने वालों की भीड़ दिखायी दी। यहां हार-बुन्दे, माला, ब्रेसलेट, इयर रिंग, पायल, बाजूबंद के अलावा तरह.तरह के हेयरबैण्ड वगैरह हैं। बकरीद पर शाही जमजम, जाफरानी, मुन्नका, बनारसी और बनारसी गोला सिंवई दस्तरख्वान की जीनत बनेगी।
कुर्बानी की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें :
मौलाना खालिद रशीद महली: इस्लामिक सेंटर आॅफ इंडिया ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इस्लामिक सेंटर आॅफ इंडिया फरंगी महल के चेयरमैन व इमाम ईदगाह व काजी-ए-शहर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने लोगों से अपील की कि वह कुर्बानी करते वक्त न तो फोटो खीचें और न सोशल मीडिया पर अपलोड करें। एडवाइजरी में उन्होंने कहा कि नमाज ईदगाहों और मस्जिदों के अंदर ही पढ़ी जाये, सडकों पर नमाज न अदा की जाये। हमेशा की तरह उन्हीं जानवरों की कुबार्नी की जाए जिन पर कोई कानूनी पाबन्दी नहीं है। खुली जगह या सड़क के किनारे, गली और पब्लिक स्थानों पर कुर्बानी न की जाए। जानवरों की गंदगी रास्तों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंके बल्कि नगर निगम के कूड़े दानों ही का प्रयोग किया जाए। कुर्बानी के जानवरों का खून नालियों में न बहायें। गोश्त का तिहाई हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदो को जरूर दिया जाए। ईद उल अजहा की नमाज के बाद भीषण गर्मी से राहत के लिए खुसूसी दुआ की जाये।
कुर्बानी के लिए एक लाख तक बिके बकरे
लखनऊ। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के लिए पुराने शहर के बाजार गुलजार रहे। इसके अलावा राजधानी के बकरा मंडी में बकरों की जमकर खरीदारी हुई। पिछले साल की अपेक्षा इस साल बकरों के दामों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है।
बकरा मंडी में 40 हजार रुपये से लेकर लाखों तक के बकरे हैं। वैसे यहां औसत दर्जे का बकरा जो पिछले सप्ताह सात हजार का था, आज आठ हजार रुपये में बिका। यहां बकरीद के लिए बकरा खरीदने वालों की सुबह से ही भीड़ थी। बकरीद पर अगले तीन दिनों तक कुबार्नी का दौर चलेगा। शहर से दूर ग्रामीण इलाकों में दाम कम होने से कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्र में जाकर बकरे ला रहे हैं। मौलानाओं ने भी घरों में नमाज पढ़ने और कुबार्नी के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने की अपील की है। सोमवार को सुबह पांच बजे से कुबार्नी का दौर शुरू हो जाएगा।
बकरामंडी में सुल्तान और टाइगर का आकर्षण:
बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी जोर शोर से हो रही है। गली, मोहल्ले व बाजार में कुर्बानी के बकरे बिक रहे हैं। चौक, अमीनाबाद, मौलवीगंज, सआदतगंज, ठाकुरगंज, अम्बर गंज, हुसैनाबाद, घंटाघर व अन्य जगहों पर बाजार हर रोज सज रहा है। बाजार में करीब 14 हजार से लेकर 80 हजार रुपए तक बिक रहे हैं। वहीं विशेष रूप से तैयार किए गए कुछ बकरों की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपए तक लगायी जा रही हैं। इन खास बकरों के नाम भी रखे हैं। सुल्तान, टीपू, टाइगर जैसे नामों से भारीभरकम मंहगे बकरे बिक रहे हैं। इसके साथ ही बाजार में देसी, तोतापरी, बरबरी, सिरोही, जमुनापरी, राजस्थानी आदि नस्ल के बकरे बिकने के लिए आए हैं।
सिवर्इं और खोये की दुकानों पर खूब रही भीड़
लखनऊ। बाजारों में सिवई और खोये की दुकानों पर खरीदारों की काफी भीड़ दिखायी दी। दुकानों पर नमाज के लिए सुन्दर टोपियों की कई किस्में देखी जा सकती है। इन्हीं दुकानदारों के साथ-साथ बकरीद पर सिंवई खाने के लिए चीनी के प्याले और चम्मचों की बिक्री भी जोरों पर हो रही है। देर रात में बकरीद के सामानों की बिक्री करने वाले अकबरी गेट के बाद अमीनाबाद के बाजारों में पर्दानशीन औरतों को खरीदारी करते हुए देखा जा सकता है। बकरीद के त्योहार में बड़ों के साथ.साथ बच्चों में अधिक खुशी होती है जहां बड़े सोचते है कि बकरा अच्छे से अच्छा खरीदा जाये वहीं बच्चों की यह सोच होती है की जल्द से जल्द बकरा आ जाये ताकि हम उसे हार-फूल पहना कर मोहल्ले में दोस्तों के साथ घूमाये फिरायें।
बाजार में बनारसी सेंवईयों की डिमांड:
ईद-उल-अजहा के लिए पुराने लखनऊ में सेवईयों का बाजार सजा हुआ है। बकरीद के दिन मीठी सेंवईयां भी परोसी जाती हैं। चौक, नक्खास, अमीनाबाद, मौलवीगंज, हुसैनाबाद आदि जगहों पर सेवईयों का बाजार सजा हुआ है। जहां मोटी, बारीक, लच्छेदार के साथ कई वैराइटी की सेवइयां मौजूद है। सेवइ कारोबरी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि उनके यहां छड़ व सादी सेवई, छत्ते वाली सेवई, किमामी सेवई, बनारसी, भुनी सेवई, लाल लच्छा, सफेद लच्छा, बनारसी लच्छा, सूतफेनी, रूमाली, दूध फेनी आदि बिक रही है। इस समय सबसे ज्यादा मांग में बनारसी किमामी सेवई है, जो हाथों हाथ खरीदी जा रही है। सेंवईयां 80 से 120 रुपए प्रति किलो बाजार में बिक रही हैं। सेंवई के साथ चना, छोले, तेल मसाले, आदि की बिक्री भी बकरीद की वजह से खूब हो रही है।
शहर के ईदगाह और मस्जिदों में तैयारी पूरी
लखनऊ। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व 28 मई को मनाया जाएगा। बकरीद की नमाज और कुबार्नी की तैयारियां पूरी हो गई हैं। शहर की ईदगाहों और सभी मस्जिदों की साफ-सफाई की गई और कुबार्नीगाहों पर विभिन्न इंतजाम किए गए। ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज होगा। वहीं आसिफी मस्जिद (बड़ा इमामबाड़े) में 11 बजे नमाज अदा की जाएगी। ईदगाह में नमाज की सभी तैयारियां मुकम्मल हो गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और नगर निगम की जिम्मेदारी है कि ईदगाह और विभिन्न मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई कराए और बिजली और पानी की व्यवस्था को यकीनी बनाए क्योंकि बकरीद के दिन लाखों लोग ईदगाह और मस्जिद में नमाज अदा करते हैं। मौलाना ने सभी से अपील करी कि कुर्बानी की फोटो और वीडियो सोशल साइट पर न डाले। उन्होंने कहा कि यह जरूर ध्यान रखे कि सड़क या आम रास्ते पर नमाज न अदा की जाए। मौलाना मोहम्मद मुश्ताक ने कहा कि ईद-उल-अजहा के दिन ईदगाह के तमाम गेट पर ईदगाह कमेटी और इस्लामिक सेंअर आॅफ इंडिया के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे ताकि नमाजियों को अधिक से अधिक सहूलियत दी जा सकेंगी।
ईदगाह में महिलाओं के लिए नमाज के विशेष इंतजाम
ईद-उल-अजहा (बकरीद) के लिए शहर की ईदगाहों, मस्जिदों में नमाज की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ऐशबाग ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि ऐशबाग में महिलाओं की नमाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ऐशबाग ईदगाह में ईद उल अजहा की नमाज सुबह 10 बजे अदा की जाएगी। वहीं आसिफी मस्जिद में सुबह 11 बजे ने नमाज होगी। इसके साथ ही नदवा मस्जिद में सुबह साढ़े सात बजे, ईदगाह बिजनौर में सुबह साढ़े सात बजे, ईदगाह औरंगाबाद में सुबह नौ बजे, आमना मस्जिद बंगलाबाजार में सुबह साढ़े सात बजे, मस्जिद अल फैज बंगला बाजार में सुबह सवा आठ बजे, मस्जिद नूरे अनवर एल्डिको में सुबह साढ़े सात बजे ईद उल अजहा की नमाज अदा की जाएगी।
नमाज का समय
ईदगाह लखनऊ 10 बजे
मस्जिद नदवतुल उलमा 7.30 बजे
मस्जिद हमजा राजाजीपुरम 7.30 बजे
मस्जिद दरगाह शाहमीना शाह 8.30 बजे
मस्जिद तकवियतुल नादान महल 6 बजे
मस्जिद चांद वाली ताल कटोरा 8.30 बजे
मस्जिद इब्राहिमी, गली मरीमाता 5.45 बजे
मस्जिद हमजा कंघी वाली गली 7 बजे
मस्जिद सिद्दीकिया बिल्लौचपुरा 5.40 बजे
मस्जिद फारुकिया हुसैनाबाद 7 बजे
इदारे वाली मस्जिद मेहदीगंज 8 बजे
मस्जिद उमर, बिल्लौचपुरा 6.30 बजे
मस्जिद कादर खां, तालकटोरा 8 बजे





