भारतीय लोक कला, सांस्कृतिक उत्सव एवं कार्यशाला
लखनऊ। आर्ट्स एण्ड कल्चरल सोसायटी, लखनऊ द्वारा मोहन सिंह बिष्ट सभागार कुर्मांचल नगर लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय भारतीय लोक कला, सांस्कृतिक उत्सव एवं कार्यशाला के समापन अवसर पर भारतीय लोक संस्कृति, लोक संगीत एवं लोक परंपराओं की अनुपम छटा देखने को मिली। समापन अवसर पर आज अतिथि श्रीमती संयुक्त भाटिया पूर्व महापौर लखनऊ, रणवीर सिंह, रजिस्ट्रार, भातखंडे संगीत विद्यापीठ तथा उमेश सनवाल, पार्षद, शंकरपुरवा वार्ड तृतीय,सीता नेगी नगर उपाध्यक्ष भाजपा एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इसअवसर पर सुर सम्राट लोक गायक स्वर्गीय हीरा सिंह राणा की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या के अवसर पर उनके छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। संस्था के निर्देशक कामना बिष्ट और शोभा पटवाल ने अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना दैणा हया जै मा सरस्वती से हुआ, समूह नृत्य स्वर्ग तारा जुनैली राता, रंगीली बिंदी घाघरी काई तथा ऐ जये बसंती होली खेलुला होली विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। जिसका निर्देशन कामना बिष्ट ने किया इसके पश्चात सामूहिक गायन हे जन्मभूमि तेरी जय-जयकार हो ने वातावरण को देशभक्ति और लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। इस प्रस्तुति को हेमा बिष्ट, शोभा पटवाल एवं ज्योति जोशी ने स्वर दिए। लवली घिल्डियाल के निर्देशन में प्रस्तुत भरतनाट्यम भो शम्भू तथा अवधि लोकनृत्य कजरारी, कैसे खेलन जाऊँ, द्वाराहाटा की जीप गॉचर पहुँचे गै एवं हिटवे अल्मोड़ा बाजार, हिट नंदा देवी म्यर देखुल ने दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।
जगत सिंह राणा ने मेरी मानिल डानि हम तेरी बलाइ ल्युला, लक्ष्मण सिंह मर्तोलियाने वील काछी, पंकज वांगी ने रंगीली बिंदी घाघरी काई, तथा वरिष्ठ लोकगायक सुरेन्द्र राजेश्वरी ने हमसा रिटी गो गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। साहित्यकार पूरन सिंह जीना ने स्व. हीरा सिंह राणा की स्मृति को समर्पित अपनी रचना प्रस्तुत की तथा परदेशी-परदेशी सुन संदेश गीत का गायन किया। कार्यक्रम के दौरान कैलाश सिंह ने स्व. हीरा सिंह राणा के सांस्कृतिक योगदान पर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर स्व. हीरा सिंह राणा स्मृति सम्मान-2026 से धन सिंह मेहता अंजन. सुरेन्द्र राजेश्वरी, मथुरा दत्त पंत, जगत सिंह राणा, लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया कैलाश सिंह एवं बलवंत वानगी को सम्मानित किया गया। गायन कलाकार – सुरेंद्र राजेश्वरी, लक्ष्मण मर्तोलिया, बलवंत वानगी,जगत सिंह राणा, कैलाश सिंह, शोभा पटवाल, ज्योति जोशी,पंकज वानगी आदि नृत्य कलाकार – नन्दनी बिष्ट, गार्गी घुघत्याल, वेदान्त सिंह बिष्ट, कृतिका रावत, अंशिका, निहारिका रावत, भूमिका जोशी एवं उन्नति मौर्य,शोभा पटवाल , स्वरा भट्ट, ख्याति, तन्वी, संस्कृति ओझा, प्रीति यादव, मान्या अग्रवाल एवं प्रशिक्षित खरबंदा आदि
वाद्य कलाकार – लक्ष्मण सिंह मर्तोलिया-सिन्थाइजर, रमेश कश्यप ढोलक, हुड़का विजय बिष्ट अंत में संस्था के अध्यक्ष भरत सिंह बिष्ट ने संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, अतिथियों, प्रिंट मीडिया, कलाकारों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





