एलडीए ने 10 जुलाई को जारी किया था ध्वस्तीकरण आदेश,25 जुलाई तक स्वयं कार्रवाई की मिली थी मोहलत
लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कार्रवाई तेज कर दी है। भूखंड संख्या एमएस-102 पर निर्मित अवैध व्यावसायिक भवन के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई। एलडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के बाद बिल्डर ने स्वयं ही अवैध निर्माण हटाने का काम शुरू कर दिया है।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला व अन्य द्वारा अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर अवैध रूप से व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के तहत 23 जून 2026 को नोटिस जारी किया गया था। प्रकरण की सुनवाई के दौरान विपक्षी को निर्माण की वैधता से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। 7 जुलाई को पहली सुनवाई हुई, जबकि 8 जुलाई को विपक्षी की ओर से आपत्ति दाखिल की गई।
एलडीए प्रवर्तन जोन-4 की ओर से जवाब प्रस्तुत किए जाने के बाद 9 जुलाई को सभी तथ्यों की समीक्षा की गई। इसके बाद 10 जुलाई 2026 को विहित प्राधिकारी न्यायालय ने भवन निर्माण को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए। आदेश के तहत भवन स्वामी को स्वयं अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था, जिसकी अवधि 25 जुलाई को पूरी होनी है।
एलडीए के अनुसार, समय सीमा पूरी होने से पहले ही सोमवार को भवन स्वामी की ओर से अवैध स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सूचना मिलने पर प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। जोनल अधिकारी ने मौके पर मौजूद प्रतिनिधियों को बरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही से किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी। एलडीए ने स्पष्ट किया है कि 25 जुलाई के बाद स्थल की जांच की जाएगी। यदि ध्वस्तीकरण आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं पाया गया तो प्राधिकरण अपने स्तर से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करेगा।





