-क्वारंटीन सेन्टरों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सर्तकता भी बरती जाए
-क्वारंटीन सेन्टर व आइसोलेशन वॉर्ड की संख्या तथा टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश
-1 मई से पुराने के साथ नए राशन कार्ड धारकों को भी उपलब्ध हो राशन
-शेल्टर होम में रह रहे लोगों का पूल टेस्ट कराया जाए
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिये है कि प्रदेश के जिन जिलों में 20 या उससे अधिक कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले है वहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी भेजे जायें, और यह अधिकारी वहां जाकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री गुरुवार को लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डीएम तथा एसपी सहित फील्ड में तैनात सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मण्डी तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक सामग्री की सप्लाई चैन से जुड़े वाहन छूट का दुरुपयोग न करने पायें। यह चेतावनी जारी की जाए कि जो भी ट्रक सवारी ढोते पाया जाएगा उसे तत्काल जब्त कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटीन सेन्टरों में सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए पूरी सावधानी और सतर्कता बरती जाए। उन्होंने क्वारंटीन सेन्टर तथा आइसोलेशन वॉर्ड की संख्या तथा टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जिलों में कम से कम एक सप्ताह कैम्प कर वहां संचालित स्वास्थ्य सहित विभिन्न कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। उन्होंने ऐसे प्रत्येक जिले में आईजी स्तर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (जहां पहले से आईजी स्तर के अधिकारी की तैनाती नहीं है) को भी भेजने के निर्देश दिये हैं। यह पुलिस अधिकारी आवंटित जिला में लॉकडाउन व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से लागू कराएंगे तथा अपनी रिपोर्ट भी प्रेषित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कम्युनिटी किचन, डोर स्टेप डिलीवरी तथा खाद्यान्न वितरण की नवीनतम स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि 1 मई से प्रारम्भ होेने वाले खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम में यह सुनिश्चित किया जाए कि पुराने राशन कार्ड धारकों के साथ-साथ नये राशन कार्ड धारकों को भी राशन उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’ स्थापित किया गया है।
इस फण्ड की धनराशि का उपयोग कोरोना वायरस के उपचार व बचाव के लिए किया जाएगा। फण्ड की धनराशि से टेस्टिंग, एल-1, एल-2 तथा एल-3 अस्पतालों की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण, लॉजिस्टिक्स यथा पीपीई किट, एन-95 मास्क, वेंटिलेटर्स आदि की व्यवस्था की जाए। फण्ड की धनराशि से पीपीई क्रय करते हुए, इमरजेंसी सेवाएं प्रारम्भ करने वाले अस्पतालों को जिलाधिकारी के माध्यम से इन्हें उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित जनपदों में पीपीई तथा एन-95 मास्क प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये।





