लखनऊ। ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ के 72वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज सायं 4 बजे व्याख्यान कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय, उपशास्त्रीय एवं लोक-संगीत की विविध विधाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों ने उपस्थित कला-प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष एवं सुप्रसिद्ध शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायिका श्रीमती विभा सिंह ने अपनी गायन प्रस्तुति से समां बांधा। उन्होंने राग मेघ मल्हार, सोहनी एवं जोग में बंदिश तराना तथा ठुमरी, कजरी, चैती एवं दादरा सहित शास्त्रीय उपशास्त्रीय एवं लोक-संगीत की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुति दी। उनकी गायकी में भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा, भाव-संवेदना और लोक-संस्कृति की मधुर छटा देखने को मिली। इसी क्रम में अथर्व प्रताप सिंह, कुशल एवं प्रतिभाशाली बांसुरी वादक ने अपनी मनोहारी प्रस्तुति दी। उन्होंने बांसुरी पर राग शुद्ध सारंग में बड़ा ख्याल एवं छोटा ख्याल जोड़ झाला तथा लय कारियों का सुंदर प्रदर्शन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात उन्होंने कुछ पारंपरिक धुनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भारतीय संगीत की विविधता एवं मधुरता से परिचित कराया। उनकी बांसुरी वादन की प्रस्तुति को उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। इस अवसर पर प्रस्तुतियों ने भारतीय संगीत की शास्त्रीय परंपरा और लोक-संवेदना के सुंदर समन्वय को साकार किया। कार्यक्रम ने कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी तक भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत को पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन अकादमी के सचिव डॉ देवेन्द्र त्रिपाठी जी के संयोजन में ललित कला अकादमी, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ में किया गया।





