उत्तराखण्ड समाज ने हर्षोल्लास के साथ मनाया लोकपर्व हरेला
लखनऊ। कल्याणपुर में प्रवासी उत्तराखण्ड समाज एवं आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में उत्तराखण्ड का लोकपर्व हरेला पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं वैदिक विधि-विधान के साथ हर्षोल्लासपूर्वक कल्याणपुर में मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उत्तराखण्डवासियों को हरेला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की। भरत सिंह बिष्ट ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक है। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य आनंद जोशी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हरेला की प्रतिष्ठा एवं पूजा-अर्चना से हुआ। इसके उपरांत समाज की बुजुर्ग महिलाओं ने पारंपरिक रीति के अनुसार बच्चों एवं बड़ों के सिर पर हरेला रखकर मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सभी ने पारंपरिक हरेला गीत जी रया, जागि रया गाकर सभी के सुख, समृद्धि एवं दीघार्यु की कामना की। साथ ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति को जीवंत करते हुए पारंपरिक झोड़ा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति भी दी गई। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी उपस्थित लोगों को 150 पौधे भेंट किए गए तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर गिरधर सिंह मनराल, पूरन सिंह जीना, पूरन जोशी, लाल सिंह बिष्ट, शोभा पटवाल, रेखा गोस्वामी, शशि जोशी, पार्वती फर्त्याल, हेमा कांडपाल, गीता बिष्ट, हेमा अधिकारी, अंजू पंत, नीमा लटवाल, हेमा बिष्ट सहित बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखण्डवासी उपस्थित रहे।
शिव पूजा के साथ मना लोक पर्व हरेला:
उत्तराखण्ड का लोक पर्व हरेला बडी धूम धाम से आज मनाया गया। उत्तराखण्ड की महिलाओं द्वारा हरेला भेंट कर पकवान बनाकर एवं हरेले के गीत गाकर एक दूसरी को सुख समृद्धि और हरियाली पर्व की बधाई दी। सर्व प्रथम आज लखनऊ में पं. आनन्द जोशी आचार्य द्वारा लोक कल्याण के लिए विधि विधान ने मंत्रोचार के साथ पंडित आचार्य जी ने हरेले का विविधवत पूजन प्रतिष्ठा किय जायेगा।





