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झाल, करताल, ढोलक और जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर

राजधानी में जगह-जगह निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, भक्तों ने भक्ति भाव से खींचा रथ, की पूजा-अर्चना
लखनऊ। जगन्नाथ रथयात्रा के दिन गुरुवार को राजधानी लखनऊ के मंदिरों में झाल, करताल, ढोलक, ताली और प्रभु जयजगन्नाथ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। अमीनाबाद के मारवाड़ी गली में आरती के साथ फेसबुक पर पूजन का लाइव हुआ तो चौक के रानी कटरा में चारों धाम मंदिर से भगवान की पालकी को मंदिर परिसर में घुमाया गया।
डालीगंज स्थित श्री माधव मंदिर के 65वें वार्षिकोत्सव एवं श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र (बलदेव) की भव्य रथ यात्रा अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। शाम को घुमड़ते बादलों और हल्की बारिश की फुहारों के बीच जब भगवान श्री जगन्नाथ सुसज्जित रथ पर नगर भ्रमण के लिए निकले तो पूरा क्षेत्र जय जगन्नाथ, जय माई सुभद्रा और जय बलदेव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर भगवान का नगर भ्रमण प्रारंभ कराया और मार्गभर पुष्पवर्षा, इत्र वर्षा तथा स्वर्णिम झाड़ू सेवा से उनका भव्य स्वागत किया। रथ यात्रा से पूर्व श्री माधव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजन, महाआरती एवं भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भगवान बलभद्र को आकर्षक ढंग से सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, उत्तर विधानसभा विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य राम चंद्र प्रधान, अवनीश कुमार सिंह, बिहारी लाल साहू, भारत भूषण गुप्ता, ओमकार जायसवाल, घनश्याम दास अग्रवाल (गुड्डा), श्याम साहू, घनश्याम अग्रवाल, गोविंद साहू, श्याम जी साहू एवं अनुराग साहू सहित अनेक श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 101 बूंदी के लड्डुओं का विशेष भोग भी श्री राधा माधव सेवा संस्थान द्वारा अर्पित किया गया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं व्यापारियों ने भगवान का भव्य स्वागत किया तथा पुष्पवर्षा, इत्र छिड़काव और आरती के माध्यम से अपनी श्रद्धा अर्पित की। रथ यात्रा में सबसे आगे 15 फीट ऊंचा श्री हनुमान ध्वज श्रद्धा और सनातन गौरव का संदेश देता हुआ चल रहा था। उसके पीछे 100 से अधिक श्रद्धालु हाथों में ध्वज लेकर जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूरे उत्साह और भक्तिभाव से यात्रा में शामिल हुए। ध्वजवाहकों की यह अनुशासित और भव्य टोली श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। रथ यात्रा में प्रस्तुत पारंपरिक ‘फरुवाही नृत्य’ ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और आयोजन की विशेष पहचान बना। वहीं प्रीति जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत विविध लोकनृत्यों ने भारतीय संस्कृति की रंग-बिरंगी छटा बिखेरते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्सवमय बना दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रथ यात्रा में भजन गायक दीपक सिंह ग्रुप पूरे मार्ग में भगवान श्री जगन्नाथ के भजनों की संगीतमय प्रस्तुति देता चला, जिससे वातावरण पूर्णत: भक्तिमय बना रहा। इस वर्ष कई विशेष आकर्षण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। सबसे आगे नासिक ढोल दल की मनमोहक प्रस्तुति ने वातावरण को उत्साह से भर दिया, जबकि वानर सेवा दल जय श्रीराम के उद्घोष के साथ यात्रा में शामिल रहा। उज्जैन की तर्ज पर डमरुओं की गूंज के बीच महाआरती का दिव्य दृश्य श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया। रथ यात्रा में विंटेज कार पर सजी भगवान राधा-कृष्ण, भगवान शिव एवं श्री हनुमान की आकर्षक झांकियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं 15 फीट ऊंचा हनुमान ध्वज पूरे मार्ग में श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बना रहा। श्रद्धालु हाथों में आरती की थाल लिए भगवान के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में मोबाइल फोटोग्राफी के शौकीनों ने रथ यात्रा के मनोहारी दृश्यों को अपने कैमरों में कैद किया। वहीं उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता एवं ओमकार जायसवाल ने बताया कि रथ यात्रा का सीधा प्रसारण फेसबुक पेज पर किया गया, जिसे देश-विदेश सहित हजारों श्रद्धालुओं ने लाइव देखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को जामुन, मीठे चावल और बूंदी का महाप्रसाद वितरित किया गया। डालीगंज क्षेत्र के व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। राकेश साहू ने बताया कि भगवान श्री जगन्नाथ की यह रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और संस्कृति का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर अनुराग साहू, दिनेश अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, गोविंद साहू, ओमकार जायसवाल, श्याम जी साहू, मनोज साहू, राकेश साहू, माया आनंद सहित श्री राधा माधव सेवा संस्थान के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

तू ना सम्भाले तो हमें कौन सम्भाले…
गौडीया मठ के श्रीश्री जगन्नाथ रथयात्रा बनीं आकर्षण का केन्द्र:

लकड़ी के रथ पर रंगीन कपड़े से श्रृंगारित होकर नगर यात्रा पर निकले भगवान जगन्नाथ
लखनऊ। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा के संग फूलों से सुसज्जित लकड़ी के रथ पर रंग बिरंगे कपड़े से श्रृंगारित होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए ऐशबाग लखनऊ स्थित मोतीनगर के श्री गौडीय मठ से नगर यात्रा पर निकले। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा को रत्न जड़ित पगड़ी, पीताम्बर वस्त्र और कीमती आभूषणों से सुशोभित किया गया था। श्री श्री जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ मंदिर समिति के मठाध्यक्ष सुधा सिंधु महाराज ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर भगवान को झूला झुलाते हुए चंदन-कपूर मिश्रित जल छिड़ककर रथ समार्चना कर आरती से किया। इसके पश्चात हजारों भक्तों ने भगवान की काष्ठ प्रतिमाओं को अपने कंधों पर उठाकर नाचते गाते हुए फूलों से सजे रथ पर विराजमान किया। ऐशबाग के शकुंतलम भवन के भक्तों की ओर से श्री गौड़ीय मठ मंदिर के भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का पूजन अर्चन, कमल की माला अर्पित कर फलों व मिष्ठान का भोग लगाकर रथयात्रा का स्वागत किया गया। रथयात्रा में सबसे आगे माता तुलसी को अपने सिर पर विराजमान कर संतगण चल रहे थे। उनके पीछे चैतन्य महाप्रभु का भव्य चित्र विराजमान था। रथयात्रा के मार्गों पर हजारों भक्तों ने झाड़ू लगाकर एवं भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने हाथों से खींचकर पुण्य लाभ कमा रहे थे। बैंडबाजों तथा संकीर्तन करते भक्तों के बीच रथ पर विराजे बलभद्र, सुभद्रा व जगन्नाथ के दिव्य दर्शन पाने के लिए हजारों भक्तगण मार्गों के दोनों ओर एकत्र हुए थे। कई स्थानों भगवान की पूजा अर्चना, पुष्प वर्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे। मृदंग की थाप पर झूमते भक्तों ने जय जय जगन्नाथ स्वामी, हरि हरि बोल, राधे राधे के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे साथ ही जगन्नाथ, जगन्नाथ चका नैन, चका नैन लीलाचल वरे तू ना सम्भाले तो हमें कौन सम्भाले… भजन गाते हुए चल रहे थे।
मंदिर समिति की ओर से रथयात्रा में भक्तों को पूड़ी, बूंदी, मीठे चावल का प्रसाद वितरण किया गया। गणेशगंज में मित्तल परिवार द्वारा जगन्नाथ प्रभु का भव्य स्वागत किया गया तथा प्रभु को भोग एवं महा आरती की गई। यह रथयात्रा श्री गौड़ीय मठ मंदिर मोतीनगर से ऐशबाग रोड, नाका हिण्डोला, बांसमंडी चौराहा, लाटूश रोड, श्रीराम रोड, अमीनाबाद रोड, गणेशगंज से नाका हिण्डोला, आर्यानगर, मोतीनगर चौराहा होते हुए वापस श्री गौड़ीय मठ मंदिर में पहुंचकर समाप्त हुई।
जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर श्री गौडिया मठ की रथयात्रा प्रतिवर्ष निकाली जाती है। जगन्नाथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को उनके मौसी के घर, गुंडिचा मंदिर ले जाने की वार्षिक यात्रा है। भगवान के रथ को खींचने से पापों का नाश व मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह रथयात्रा एकता और समानता का प्रतीक है, इसमें हर वर्ग के लोग बिना किसी भेदभाव के भाग लेते हैं। रथयात्रा के समापन मठाध्यक्ष श्रीपाद भक्ति सुलभ श्रमण महाराज (सुधा सिंधु महाराज) ने बताया कि आपने कई यात्राओं में भाग लिया होगा जैसे- बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ आदि ये यात्रा कठिन होती है किन्तु भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निराली है यहां भगवान जगन्नाथ स्वयं मंदिर से निकलकर भक्तों दर्शन देते है। इस शोभायात्रा में विशेष रूप से गौहाटी, असम से आलोक आचार्य महाराज, श्रीपाद जी, कोलकाता, उड़ीसा, मुंबई, दिल्ली, कुरूक्षेत्र, मथुरा, वृन्दावन, पटना, मुगलसराय, काशी, प्रयागराज से पधारे अनेक संतजन एवं गणमान्य लोगों ने भगवान जगन्नाथ जी अपने को समर्पित कर पूजा अर्चना करते हैं।

भगवान जगन्नाथ को लगाया छप्पन भोग:
श्री वैष्णो देवी सेवा संस्थान के तत्वाधान में नवम श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन शुक्रवार को किया गया। यात्रा के संयोजक करुण कृष्णदास करुणेश के द्वारा छप्पन भोग जिसमें 201 प्रकार के व्यंजन एवं मिष्ठान का भोग लगाकर, आरती के पश्चात संकीर्तन मंडली द्वारा हरे रामा हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे हरे का भजन करते हुए यात्रा पूर्ण की गई। यात्रा पंडित राम प्रसाद बिस्मिल पार्क से प्रारंभ होकर रूपम टेलर चौराहा बदनाम लड्डू मोहन भोग राशि ज्वेलर्स मार्ग से होकर पुन: अपने प्रारंभ स्थान पर पहुंचने के पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया।

रविन्द्रालय से निकली इस्कॉन मंदिर की जगन्नाथ रथयात्रा
लखनऊ। सम्पूर्ण विश्व में इस्कॉन द्वारा जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है, इसी क्रम मे लखनऊ मे श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी, मन्दिर अध्यक्ष, इस्कॉन, लखनऊ द्वारा 16 जुलाई दिन- गुरूवार को भगवान श्री जगन्नाथ जी की 8वीं रथयात्रा महा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया । विभिन्न प्रकार के देशी एवं विदेशी पुष्पों द्वारा विशेष साज-सज्जा से तैयार किये गए मुख्य दिव्य रथ पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथ जी, सुभद्रा महारानी, बलदेव महाराज, तथा 03 अलग-अलग रथों पर राम दरबार, राधा कृष्ण एवं इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद जी भक्तों को दर्शन दिये।
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को लखनऊ में श्रीजगन्नाथ की भव्य शोभा यात्रा में अपना योगदान दिया। इस्कॉन मंदिर (गोल्फ सिटी) का श्रीजगन्नाथ जी महाराज की भव्य शोभायात्रा के अवसर पर आयोजित समारोह को उन्होंने संबोधित भी किया। उप मुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि महाप्रभु श्रीजगन्नाथ जी महाराज ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में पिरोया है। देश के चारों कोने में विराजमान महाप्रभु सभी की रक्षा करते हैं। जगन्नाथ शब्द संस्कृत के दो शब्दों के मेल से बना है। जगत (ब्रह्मांड) और नाथ (स्वामी)। महाप्रभु पूरे ब्रह्मांड के स्वामी हैं।
रविंद्रालय, चारबाग मे निम्नानुसार कार्यक्रम सम्पन्न हुए जिनमें हरिनाम संकीर्तन प्रात: 10 बजे से, प्रवचन एवं कथा अपरान्ह 2 बजे भक्ति पदम सौरभ प्रचारक स्वामी महाराज के द्वारा, सभी भक्तों ने स्वादिष्ट व्यंजनों से भरपूर जगन्नाथ जी का महा प्रसाद ग्रहण किया, जिसमे आइसक्रीम, शिकंजी एवं छाछ भी वितरित किया गया। आरती एवं रथ यात्रा प्रारम्भ सायं 4 बजे, रथ यात्रा के मुख्य आकर्षण में अचिंत्यरुपिणी माता जी के दिशा निर्देशन मे मुकुंदा रॉक बैंड की विशेष प्रस्तुति, विशेष साज-सज्जा से तैयार किये गए मुख्य रथ पर विराजमान होकर भगवान जगन्नाथ जी, सुभद्रा महारानी, बलदेव महाराज, तथा अलग-अलग रथों पर राम दरबार, राधा कृष्ण एवं इस्कॉन के संस्थापकाचार्य श्रील प्रभुपाद जी भक्तों को दर्शन दिये। सम्पूर्ण रथ यात्रा मार्ग में भगवान एवं भक्तों पर पुष्प वर्षा, सभी भक्तो का स्वागत चन्दन लगाकर, गुलाबजल एवं इत्र छिड़क कर किया गया। प्रभुपाद यूथ आर्मी एवं अन्य भक्तों द्वारा सम्रूर्ण यात्रा मार्ग पर झाडू लगाते हुए भगवान जगन्नाथ जी के रथ का स्वागत किया गया। रविंद्रालय आॅडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम इस्कॉन गर्ल्स फोरम द्वारा नृत्य की प्रस्तुति के साथ-साथ जगन्नाथ भगवान की लीलायों का नाट्य रूपान्तरण। भगवान के विभिन्न स्वरुप मे भक्तों द्वारा दर्शन जैसे नारद मुनि, हनुमान जी आदि। छप्पन भोग के अंतर्गत दीक्षित भक्तों एवं शहर भर से आये हुए भक्तों द्वारा 256 प्रकार का भोग श्री जगन्नाथ जी को अर्पित किया गया। रथ यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर भक्तों द्वारा भगवान की आरती एवं जलपान वितरण उत्साहपूर्वक किया गया। सम्पूर्ण रथयात्रा मार्ग पर श्रीमद भगवत गीता एवं श्रील प्रभुपाद जी द्वारा रचित 90 से अधिक धार्मिक पुस्तकों एवं शास्त्रों का वितरण भक्तों द्वारा बृहद रूप से किया गया। रथ यात्रा हर्षोल्लास भक्तिमय वातावरण पुष्प वर्षा एवं दिव्य हरिनाम संर्कीतन के साथ श्री डी.एम. आवास के बगल जहाँगीराबाद पैलेस हजरतगंज लखनऊ पर समाप्त हुयी, यात्रा की समाप्ति के उपरान्त सभी भक्तों मे जगन्नाथ जी का स्वादिष्ठ दिव्य प्रसाद का आनन्द उठाया।

विश्व शांति के संदेश के साथ निकली पालकी यात्रा
लखनऊ। चारों धाम मंदिर रानी कटरा से भगवान जगन्नाथ की प्राचीन रथ यात्रा आज विश्व शांति के संदेश के साथ निकली। सुबह चारों धाम मंदिर में विधि विधान से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र भैया एवं माता सुभद्रा का पूजन संपन्न हुआ, इसके बाद चांदी की पालकी में सवार होकर भगवान भक्तों के घर पहुंच गए। लोगों ने अपने घर के बाहर भक्ति भाव से पूजन किया। स्थान स्थान पर भक्तों ने पानी, शरबत, लस्सी कढ़ी चावल समोसे आदि का प्रसाद वितरित किया। यात्रा में प्रमुख रूप से शिवनारायण अग्रवाल संजय अग्रवाल लक्ष्मीकांत पांडे आशीष अग्रवाल रिद्धि किशोर गौड़ अभय अग्रवाल अतुल अग्रवाल मोहित शर्मा अमित गौड़ संदीप तिवारी पार्षद मनीष रस्तोगी अभिषेक खरे आशीष गौड़ संकेत मिश्रा राधे तिवारी उषा अग्रवाल शाहिद बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित थे।

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