प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय प्रस्तुति-परक कथक कार्यशाला का भव्य समापन
लखनऊ। प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित दस दिवसीय प्रस्तुति-परक कथक कार्यशाला का आज सामुदायिक केंद्र, मनकामेश्वर वार्ड, डालीगंज, लखनऊ में भव्य समापन हुआ। फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 22 बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला का प्रशिक्षण प्रसिद्ध कथक प्रशिक्षिका सुश्री प्रिया कश्यप द्वारा दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद रंजीत सिंह उपस्थित रहे। समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों ने कथक नृत्य की विविध प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। प्रस्तुतियों में गुरु वंदना, हस्तक, तत्कार, रंगमंच टुकड़ा, तोड़े-टुकड़े, तिहाई एवं कवित्त आदि शामिल रहे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सभी उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने भरपूर सराहना की। इस अवसर पर कथक प्रशिक्षिका सुश्री प्रिया कश्यप ने भी सरगम पर आधारित एक सुंदर एवं मनमोहक कथक नृत्य प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि रंजीत सिंह ने कहा कि क्षेत्र के बच्चों में भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाओं या कक्षा का आयोजन निरंतर होता रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि प्रेरणाकृति फाउंडेशन एवं प्रशिक्षिका द्वारा इस प्रकार की कार्यशालाओं अथवा नियमित कथक कक्षाओं का आयोजन किया जाता है तो उन्हें उनका पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। प्रेरणाकृति फाउंडेशन के निदेशक अर्जुन सिंह ने कहा कि संस्था भविष्य में भी कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक सांस्कृतिक गतिविधियों को पहुँचाने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही कथक प्रशिक्षिका सुश्री प्रिया कश्यप को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान-पत्र एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पूरी कार्यशाला के सफल आयोजन में रमा राठौर एवं श्रीमती हुमायरा खातून का विशेष सहयोग रहा, जिसके लिए प्रेरणाकृति फाउंडेशन ने उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया गया।





