वीरांगना लक्ष्मीबाई नाटक की तैयारियां तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से नाट्य संस्था विजय बेला झ्र एक कदम खुशियों की ओर, लखनऊ द्वारा बाराबंकी में संचालित नाट्य कार्यशाला में आज महान स्वतंत्रता सेनानी एवं वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यशाला प्रशिक्षक चंद्रभाष सिंह ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन साहस, त्याग, राष्ट्रप्रेम और आत्मसम्मान का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने तथा जीवन में संघर्षों का सामना दृढ़ता के साथ करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कार्यशाला में रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, त्याग और बलिदान पर आधारित श्री महेंद्र भीष्म द्वारा लिखित नाटक वीरांगना लक्ष्मीबाई के मंचन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह नाटक आगामी 28 जून को बाराबंकी में मंचित किया जाएगा। कार्यशाला में उपस्थित वरिष्ठ कवि एवं रंगकर्मी श्री प्रदीप सारंग ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को स्मरण करते हुए महिलाओं के जागरूकता, शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई आज भी देश की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
उल्लेखनीय है कि इस नाट्य कार्यशाला में वर्तमान में 30 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को अभिनय, संवाद-अभिव्यक्ति, मंच अनुशासन तथा सांस्कृतिक मूल्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।





