तिरुवनंतपुरम। केरल में वी डी सतीशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने यहां कांग्रेस विधायक दल के नेता को पद की शपथ दिलाई। सतीशन ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। सतीशन के अलावा उनके 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों को भी यहां आयोजित भव्य समारोह में शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वाले 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन, ए पी अनिल कुमार और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सनी जोसेफ शामिल हैं।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता पी के कुन्हालीकुट्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस नेता मॉन्स जोसेफ, केरल कांग्रेस (जैकब) नेता अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (सीएमपी) नेता सी पी जॉन ने भी शपथ ली। मंत्रिमंडल में 14 नए चेहरे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री सतीशन भी शामिल हैं। वह 2001 से परवूर से निर्वाचित हो रहे हैं और पहली बार सरकार में पद संभाल रहे हैं।
मंत्रिमंडल में दो महिलाएं और अनुसूचित जाति समुदाय के दो सदस्य शामिल हैं। सीएमपी नेता जॉन और आईयूएमएल नेता एन शम्सुद्दीन, के एम शाजी, पी के बशीर तथा वी ई अब्दुल गफूर भी मंत्रिमंडल में नए चेहरों में शामिल हैं। कांग्रेस नेता पी सी विष्णुनाध, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, टी सिद्दीकी, के ए तुलसी और ओ जे जनीश भी पहली बार मंत्री बने हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाद्रा समेत अन्य लोग शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, वामपंथी नेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधि भी समारोह में शामिल हुए। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने जैसे ही एक-एक करके मंत्री पद की शपथ ली, कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों यूडीएफ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नारे लगाए।
इस कार्यक्रम के लिए केरल भर से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य की राजधानी पहुंचे थे। केरल में 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव नौ अप्रैल को हुए थे और परिणाम चार मई को घोषित किए गए। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 102 सीट जीतीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने 35 सीट हासिल कीं और भाजपा ने तीन सीट जीतीं।





