लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा होते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा प्रमुख्य अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए तंज के बाद प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और समाजवादी पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
रविवार को विभागों के आवंटन के बाद अखिलेश यादव ने कटाक्ष करते हुए लिखा, अपने लोग फिस्स, आन गांव का सिद्ध।उनके इस बयान को लेकर सरकार के मंत्रियों ने पलटवार करते हुए सपा की अंदरूनी स्थिति पर निशाना साधा।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)सोमेन्द्र तोमर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है, जबकि अखिलेश यादव को अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में अविश्वास का माहौल है और यही वजह है कि लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।
सोमेंद्र तोमर ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी गई है, उसका वे पूरी ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे।
वहीं, कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सरकार ने 60 मंत्रियों की संवैधानिक व्यवस्था को पूरा कर लिया है और सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पहले विपक्ष इतना परेशान था कि उनकी नींद और भूख उड़ गई थी, लेकिन अब वे राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब विपक्ष के नेता आराम से दोपहर तक सो सकते हैं, फिर ट्वीट कर सकते हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
इसी बीच, मंत्री मनोज पाण्डेय ने पहली कैबिनेट बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इसके लिए उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया।
मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में यह सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, जिससे प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।





